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बर्फ की कैद से छूटी पांगी की महिला ने चंबा अस्पताल में दिया बच्चे को जन्म
ब्यूरो, अमर उजाला, चंबा।
Updated Mon, 13 Feb 2017 10:08 PM IST
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पांगी से चंबा अस्पताल लाई गई प्रसूता महिला।
- फोटो : अमर उजाला
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पांगी में विपरीत मौसम और हालात से जूझने वाली महिला शालू पत्नी सुनील कुमार निवासी करियूई ने क्षेत्रीय अस्पताल चंबा में रविवार सुबह एक बच्चे को जन्म दिया। किलाड़-चंबा के बीच रविवार को हुई उड़ान में शालू को यहां लाया गया था। उसे क्षेत्रीय अस्पताल में दाखिल किया गया। जहां सामान्य प्रसव हुआ है। जबकि पांगी अस्पताल से सीजेरियन केस मानकर महिला को रेफर कर दिया गया था। शालू गर्भ के 41 सप्ताह पूरे कर चुकी थी और उसकी डिलीवरी नहीं हो पा रही थी।
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शुक्रवार को किलाड़-भुंतर के बीच हुई उड़ान में उसने गरीब होने का हवाला देकर जाने से इंकार कर दिया था। चंबा अस्पताल में महिला की मां प्रेम देई ने बताया कि पांगी में हेलीकॉप्टर का किराया भरने के बाद उनके पास सिर्फ पांच हजार रुपये बचे थे। जिनके सहारे वे कुल्लू चली जातीं तो उन्हें दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल हो जाता।
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शालु की मां प्रेम देई ने बताया कि भगवान का शुक्र है जो सामान्य प्रसव से बच्चा पैदा हो गया। प्रेम देई ने बताया कि चंबा में उसके रिश्तेदार रहते हैं। जिन्होंने कंबल और खाने-पीने का सामान उपलब्ध करवाया है। प्रेम देई ने बताया कि पांगी में स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर किए जाने की जरूरत है। ताकि गरीब लोगों को उपचार के लिए भटकना न पड़े। इसके अलावा बर्फबारी के दौरान होने वाली उड़ानों को सिफारिश पर नहीं, बल्कि जरूरत पर उड़ाना चाहिए। किलाड़-चंबा के बीच उड़ान की सख्त जरूरत थी। लेकिन हेलीकॉप्टर किलाड़-भुंतर की उड़ानें भरता रहा।
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शालू की मां प्रेम देई ने बताया कि चंबा में मिले उपचार से खुश हैं। अब उन्हें वापस पांगी जाना होगा और उसके लिए हेलीकॉप्टर नहीं मिलेगा। यदि उनकी बेटी का प्रसव किलाड़ में ही हो जाता तो यह सब दिक्कतें नहीं होती।
विशेषज्ञ की निगरानी में महिला : एसएमओ
वहीं, चंबा अस्पताल के एसएमओ डॉ. जीवानंद चौहान ने महिला की सामान्य डिलीवरी होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि महिला को विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी में रखा गया है। उसे सरकार की तरफ से मिलने वाली सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।