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Chamba News: भरेरा से डलहौजी के लिए रोजाना तीन किमी पैदल सफर
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डलहौजी (चंबा)। पर्यटन नगरी डलहौजी के साथ लगती जियुंता पंचायत के भरेरा गांव के लोगों रोजाना तीन किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ रहा है। कथलग से भरेरा जाने वाला मार्ग कई दिन से बंद पड़ा है। इस मार्ग को बहाल करने के लिए शासन और प्रशासन कोई भी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग भी गांववासियों को पेश आ रही समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।
गांव के लोग रोजाना अपनी आजीविका कमाने के लिए डलहौजी शहर में पहुंचते हैं। यहां पहुंचने के लिए उन्हें सुबह-शाम तीन किलोमीटर की पैदल दौड़ लगानी पड़ रही है जबकि मार्ग बंद होने से पहले ग्रामीण या तो अपने छोटे वाहन या किसी से लिफ्ट लेकर डलहौजी आसानी से पहुंच जाते थे लेकिन मार्ग अवरूद्ध होने के बाद से लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है। ग्रामीणों धनु राम, दीवान चंद, कर्म चंद, मोहन लाल, सुनील कुमार, जगदीश कुमार और अक्षय कुमार का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी उस समय होती है जब गांव में कोई बीमार पड़ जाए। बीमार को तीन किलोमीटर दूर तक पीठ पर या चारपाई पर उठाकर पहुंचाने के सिवाए उनके पास अन्य कोई भी विकल्प नहीं है। इसकी वजह से ग्रामीण काफी परेशान हैं। कहा कि इस मार्ग पर हर वर्ष लाखों रुपये मरम्मत के नाम पर खर्च किए जाते हैं लेकिन आज दिन तक इस मार्ग की हालत बेहतर नहीं हो पाई है। जिले में जहां भारी बारिश से बंद पड़े सभी छोटे-बड़े मार्ग यातायात के लिए बहाल हो चुके हैं वहीं पर्यटन नगरी डलहौजी के साथ भरेरा गांव को जोड़ने वाला मार्ग अभी तक बंद पड़ा है।
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गांव के लोग रोजाना अपनी आजीविका कमाने के लिए डलहौजी शहर में पहुंचते हैं। यहां पहुंचने के लिए उन्हें सुबह-शाम तीन किलोमीटर की पैदल दौड़ लगानी पड़ रही है जबकि मार्ग बंद होने से पहले ग्रामीण या तो अपने छोटे वाहन या किसी से लिफ्ट लेकर डलहौजी आसानी से पहुंच जाते थे लेकिन मार्ग अवरूद्ध होने के बाद से लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है। ग्रामीणों धनु राम, दीवान चंद, कर्म चंद, मोहन लाल, सुनील कुमार, जगदीश कुमार और अक्षय कुमार का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी उस समय होती है जब गांव में कोई बीमार पड़ जाए। बीमार को तीन किलोमीटर दूर तक पीठ पर या चारपाई पर उठाकर पहुंचाने के सिवाए उनके पास अन्य कोई भी विकल्प नहीं है। इसकी वजह से ग्रामीण काफी परेशान हैं। कहा कि इस मार्ग पर हर वर्ष लाखों रुपये मरम्मत के नाम पर खर्च किए जाते हैं लेकिन आज दिन तक इस मार्ग की हालत बेहतर नहीं हो पाई है। जिले में जहां भारी बारिश से बंद पड़े सभी छोटे-बड़े मार्ग यातायात के लिए बहाल हो चुके हैं वहीं पर्यटन नगरी डलहौजी के साथ भरेरा गांव को जोड़ने वाला मार्ग अभी तक बंद पड़ा है।
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