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Chamba News: बालू अस्पताल में कपिंग थेरेपी बनी दर्द से राहत का नया सहारा
Sun, 04 Oct 2026 10:39 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 04 Oct 2026 10:39 PM IST
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तीन-चार मिनट के उपचार से मांसपेशियों की जकड़न कम करने की कोशिश, रोज आठ से दस मरीज ले रहे लाभ
दर्द वाले हिस्से पर शीशे के कप से बनाया जाता है वैक्यूम, विशेषज्ञ की निगरानी में हो रहा उपचार
प्रवीण कुमार
चंबा। दर्द से राहत के लिए अब मरीजों का रुझान आयुर्वेदिक अस्पताल बालू में दी जा रही कपिंग थेरेपी की ओर बढ़ रहा है।
मांसपेशियों के दर्द और जकड़न की समस्या से जूझ रहे आठ से दस मरीज रोजाना इस उपचार पद्धति का लाभ लेने पहुंच रहे हैं। आयुर्वेदिक पद्धति से होने वाली इस थेरेपी को मरीजों की समस्या के आकलन के बाद ही दिया जा रहा है।
कपिंग थेरेपी में दर्द या जकड़न वाले हिस्से पर विशेष शीशे का कप लगाया जाता है। कप के भीतर वैक्यूम बनाकर इसे करीब तीन से चार मिनट तक रखा जाता है। चिकित्सकों के अनुसार इससे संबंधित हिस्से में रक्त संचार को बढ़ावा देने और मांसपेशियों के तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक मांसपेशियों के दर्द, जकड़न और कुछ प्रकार के शरीर के दर्द में कपिंग थेरेपी सहायक उपचार के तौर पर उपयोगी हो सकती है। हालांकि, हर मरीज के लिए यह उपचार उपयुक्त नहीं होता। इसी कारण अस्पताल में चिकित्सकीय आकलन के बाद ही मरीज को यह थेरेपी दी जा रही है।
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उधर, जिला आयुष अधिकारी डॉ. अनीता शर्मा ने बताया कि कपिंग थेरेपी से मरीजों को दर्द में राहत मिल रही है। आने वाले समय में जिले के अन्य आयुष संस्थानों में भी यह थेरेपी शुरू की जा सकती है।
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दर्द वाले हिस्से पर शीशे के कप से बनाया जाता है वैक्यूम, विशेषज्ञ की निगरानी में हो रहा उपचार
प्रवीण कुमार
चंबा। दर्द से राहत के लिए अब मरीजों का रुझान आयुर्वेदिक अस्पताल बालू में दी जा रही कपिंग थेरेपी की ओर बढ़ रहा है।
मांसपेशियों के दर्द और जकड़न की समस्या से जूझ रहे आठ से दस मरीज रोजाना इस उपचार पद्धति का लाभ लेने पहुंच रहे हैं। आयुर्वेदिक पद्धति से होने वाली इस थेरेपी को मरीजों की समस्या के आकलन के बाद ही दिया जा रहा है।
कपिंग थेरेपी में दर्द या जकड़न वाले हिस्से पर विशेष शीशे का कप लगाया जाता है। कप के भीतर वैक्यूम बनाकर इसे करीब तीन से चार मिनट तक रखा जाता है। चिकित्सकों के अनुसार इससे संबंधित हिस्से में रक्त संचार को बढ़ावा देने और मांसपेशियों के तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
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विशेषज्ञों के मुताबिक मांसपेशियों के दर्द, जकड़न और कुछ प्रकार के शरीर के दर्द में कपिंग थेरेपी सहायक उपचार के तौर पर उपयोगी हो सकती है। हालांकि, हर मरीज के लिए यह उपचार उपयुक्त नहीं होता। इसी कारण अस्पताल में चिकित्सकीय आकलन के बाद ही मरीज को यह थेरेपी दी जा रही है।
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उधर, जिला आयुष अधिकारी डॉ. अनीता शर्मा ने बताया कि कपिंग थेरेपी से मरीजों को दर्द में राहत मिल रही है। आने वाले समय में जिले के अन्य आयुष संस्थानों में भी यह थेरेपी शुरू की जा सकती है।