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बर्फबारी के साथ जंगलों में जंगली जानवरों को बढ़ा अवैध शिकार
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा में बर्फबारी के साथ जंगलों में जंगली जानवरों का अवैध शिकार भी बढ़ गया है। शिकारी बंदूकें लेकर जंगलों में सक्रिय हो गए हैं। क्योंकि बर्फबारी होने से जंगली जानवर ऊपरी क्षेत्रों से निचले क्षेत्रों में उतर जाते हैं। इसी बात का फायदा उठाकर शिकारी जंगली जानवरों को शिकार बना लेते हैं। ज्यादा बर्फबारी होने से ऊपरी क्षेत्रों में घास बर्फ में दब जाती है। जानवरों को चारे के लिए घास नहीं मिलती। यही कारण है कि जंगली जानवरों को भूख मिटाने के लिए निचले क्षेत्रों में उतरना पड़ता है। जहां पर शिकारी बंदूकों के साथ पहले से ही घात लगाए उनका इंतजार करते रहते हैं। जंगल में जानवरों के अवैध शिकार के कई मामले सामने आ चुके हैं। मगर अभी तक जानवरों का अवैध शिकार करने वालों को पुलिस और वन विभाग पकड़ नहीं पाया है। हालांकि कुछ माह पहले पुलिस ने एक व्यक्ति को तेंदुए की खाल के साथ गिरफ्तार किया था। इस तरह कई जानवरों का शिकार चंबा के ऊपरी और दूर-दराज के क्षेत्रों में हो रहा है। पांगी, बड़ी जुमम्हार, छुबारू, कुगति, होली, किहार, भांदल, सिढ़कुंड, मसरूंड, कोहलड़ी, सिंगी, बडग्रां, बन्नी, छतराड़ी और मैहला समेत अन्य क्षेत्रों के जंगलों में जानवरों का अवैध शिकार किया जा रहा है। इसके लिए वन विभाग को कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। जिससे जानवरों का शिकार करने वालों को सलाखों के पीछे डाला जा सके।
वन मंडलाधिकारी डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि जंगली जानवरों का शिकार करने वालों को पकड़ने के लिए विभाग की ओर से एक दर्जन से अधिक टीमें गठित की गई है। जो विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर शिकारियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। जानवरों का शिकार करने वालों के खिलाफ विभाग कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगा।
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चंबा। चंबा में बर्फबारी के साथ जंगलों में जंगली जानवरों का अवैध शिकार भी बढ़ गया है। शिकारी बंदूकें लेकर जंगलों में सक्रिय हो गए हैं। क्योंकि बर्फबारी होने से जंगली जानवर ऊपरी क्षेत्रों से निचले क्षेत्रों में उतर जाते हैं। इसी बात का फायदा उठाकर शिकारी जंगली जानवरों को शिकार बना लेते हैं। ज्यादा बर्फबारी होने से ऊपरी क्षेत्रों में घास बर्फ में दब जाती है। जानवरों को चारे के लिए घास नहीं मिलती। यही कारण है कि जंगली जानवरों को भूख मिटाने के लिए निचले क्षेत्रों में उतरना पड़ता है। जहां पर शिकारी बंदूकों के साथ पहले से ही घात लगाए उनका इंतजार करते रहते हैं। जंगल में जानवरों के अवैध शिकार के कई मामले सामने आ चुके हैं। मगर अभी तक जानवरों का अवैध शिकार करने वालों को पुलिस और वन विभाग पकड़ नहीं पाया है। हालांकि कुछ माह पहले पुलिस ने एक व्यक्ति को तेंदुए की खाल के साथ गिरफ्तार किया था। इस तरह कई जानवरों का शिकार चंबा के ऊपरी और दूर-दराज के क्षेत्रों में हो रहा है। पांगी, बड़ी जुमम्हार, छुबारू, कुगति, होली, किहार, भांदल, सिढ़कुंड, मसरूंड, कोहलड़ी, सिंगी, बडग्रां, बन्नी, छतराड़ी और मैहला समेत अन्य क्षेत्रों के जंगलों में जानवरों का अवैध शिकार किया जा रहा है। इसके लिए वन विभाग को कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। जिससे जानवरों का शिकार करने वालों को सलाखों के पीछे डाला जा सके।
वन मंडलाधिकारी डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि जंगली जानवरों का शिकार करने वालों को पकड़ने के लिए विभाग की ओर से एक दर्जन से अधिक टीमें गठित की गई है। जो विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर शिकारियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। जानवरों का शिकार करने वालों के खिलाफ विभाग कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगा।
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