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क्षेत्रीय अस्पताल चंबा में शिशु ओपीडी में लटका ताला
अमर उजाला ब्यूरो ,चंबा।
Updated Tue, 06 Dec 2016 06:45 PM IST
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क्षेत्रीय अस्पताल चंबा में शिशु ओपीडी में एक सप्ताह से ताला लटका है, जिसके कारण अस्पताल में बच्चों का इलाज नहीं हो पा हा है। अस्पताल में तैनात शिशु विशेषज्ञ स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण मेडिकल लीव पर हैं। जबकि अस्पताल में तैनात दूसरे शिशु विशेषज्ञ लंबे समय से छुट्टी पर हैं। ये चिकित्सक कब वापस आएंगे, इसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन के पास नहीं है। इससे जिलेभर के लोग परेशान हैं।
मौजूदा समय में अस्पताल में एक भी शिशु विशेषज्ञ नहीं है। इस कारण अस्पताल में बच्चों का इलाज करवाने आए अभिभावकों को बिना इलाज करवाए लौटना पड़ रहा है। अस्पताल में उपचाराधीन बच्चों की जांच के लिए अस्पताल प्रबंधन ने अन्य डॉक्टर की ड्यूटी लगाई है। परंतु शिशु ओपीडी में बच्चों की जांच नहीं की जा रही है। क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग अपने बच्चों का इलाज करवाने आते हैं। ऐसे में अस्पताल में एक भी शिशु विशेषज्ञ न होने से बच्चों के अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को निजी अस्पतालों में जाकर अपने बच्चों का इलाज करवाना पड़ रहा है, जो काफी महंगा भी पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी अशोक कुमार, देश राज, मनोज कुमार, प्यार सिंह, शक्ति प्रसाद, जय सिंह, सुरेश कुमार, कमल कुमार, चैन लाल और रवि कुमार ने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में बच्चों का इलाज राम भरोसे हो गया है। लंबे समय से अस्पताल में एक ही शिशु विशेषज्ञ अपनी सेवाएं दे रहा है। वह भी स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण मेडिकल लीव पर हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि क्षेत्रीय अस्पताल में शिशु विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाए।
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डॉक्टर बीमार हैं : एसएमओ
उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ जीवानंद चौहान ने बताया कि अस्पताल में तैनात शिशु विशेषज्ञ का इन दिनों स्वास्थ्य ठीक नहीं है। जिसके चलते उन्होंने मेडिकल लीव ली है। स्वास्थ्य ठीक होते ही वह अस्पताल में अपनी सेवाएं शुरू कर देंगे।
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मौजूदा समय में अस्पताल में एक भी शिशु विशेषज्ञ नहीं है। इस कारण अस्पताल में बच्चों का इलाज करवाने आए अभिभावकों को बिना इलाज करवाए लौटना पड़ रहा है। अस्पताल में उपचाराधीन बच्चों की जांच के लिए अस्पताल प्रबंधन ने अन्य डॉक्टर की ड्यूटी लगाई है। परंतु शिशु ओपीडी में बच्चों की जांच नहीं की जा रही है। क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग अपने बच्चों का इलाज करवाने आते हैं। ऐसे में अस्पताल में एक भी शिशु विशेषज्ञ न होने से बच्चों के अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को निजी अस्पतालों में जाकर अपने बच्चों का इलाज करवाना पड़ रहा है, जो काफी महंगा भी पड़ रहा है।
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स्थानीय निवासी अशोक कुमार, देश राज, मनोज कुमार, प्यार सिंह, शक्ति प्रसाद, जय सिंह, सुरेश कुमार, कमल कुमार, चैन लाल और रवि कुमार ने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में बच्चों का इलाज राम भरोसे हो गया है। लंबे समय से अस्पताल में एक ही शिशु विशेषज्ञ अपनी सेवाएं दे रहा है। वह भी स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण मेडिकल लीव पर हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि क्षेत्रीय अस्पताल में शिशु विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाए।
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डॉक्टर बीमार हैं : एसएमओ
उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ जीवानंद चौहान ने बताया कि अस्पताल में तैनात शिशु विशेषज्ञ का इन दिनों स्वास्थ्य ठीक नहीं है। जिसके चलते उन्होंने मेडिकल लीव ली है। स्वास्थ्य ठीक होते ही वह अस्पताल में अपनी सेवाएं शुरू कर देंगे।