{"_id":"66e7039e7adf41ab0e0181ed","slug":"chhatradi-jatar-fair-will-get-state-level-status-pathania-chamba-news-c-88-1-ssml1004-133190-2024-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"छतराड़ी जातर मेले को मिलेगा राज्य स्तरीय दर्जा : पठानिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छतराड़ी जातर मेले को मिलेगा राज्य स्तरीय दर्जा : पठानिया
Sun, 15 Sep 2024 09:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 15 Sep 2024 09:26 PM IST
विज्ञापन
चंबा में छतराड़ी जातर मेले के दौरान बैठे उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया और अन्य।संवाद
चंबा। विधानसभा में उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि जिला स्तरीय छतराड़ी जातर मेले को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा दिया जाएगा।
पठानिया शनिवार देर शाम को शिवशक्ति मां के छतराड़ी स्थित ऐतिहासिक मंदिर परिसर में जिलास्तरीय जातर मेले के उपलक्ष्य में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस दौरान ललित ठाकुर और सुरजीत भरमौरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पठानिया ने कहा कि स्थानीय उत्कृष्ट लोक कला एवं संस्कृति के परिचायक जिला स्तरीय छतराड़ी जातर मेले को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा देने के मामले को मुख्यमंत्री से उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार लोक कला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को लेकर आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने मेला आयोजन समिति को अपनी ऐच्छिक निधि से 51 हजार रुपये देने की घोषणा की। इससे पहले पठानिया का सांस्कृतिक संध्या में पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने गर्म जोशी से स्वागत किया। सांस्कृतिक संध्या में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया।
--
विज्ञापन
पठानिया शनिवार देर शाम को शिवशक्ति मां के छतराड़ी स्थित ऐतिहासिक मंदिर परिसर में जिलास्तरीय जातर मेले के उपलक्ष्य में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस दौरान ललित ठाकुर और सुरजीत भरमौरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पठानिया ने कहा कि स्थानीय उत्कृष्ट लोक कला एवं संस्कृति के परिचायक जिला स्तरीय छतराड़ी जातर मेले को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा देने के मामले को मुख्यमंत्री से उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार लोक कला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को लेकर आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने मेला आयोजन समिति को अपनी ऐच्छिक निधि से 51 हजार रुपये देने की घोषणा की। इससे पहले पठानिया का सांस्कृतिक संध्या में पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने गर्म जोशी से स्वागत किया। सांस्कृतिक संध्या में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया।