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सतरूंडी से बैरागढ़ में शिफ्ट कर दी चेक पोस्ट
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बैरागढ़ में स्थापित पुलिस चैक पोस्ट।संवाद
- फोटो : Chamba
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तीसा (चंबा)। कालावन हत्याकांड को भुलाकर पुलिस विभाग की सतरूंडी स्थित चेक पोस्ट को 20 किलोमीटर पीछे हटाकर बैरागढ़ ग्रामीण बस्ती में शिफ्ट कर दिया गया है। कालावन में आतंकवादियों की ओर से 35 लोगों की हत्या करने के बाद सुरक्षा की लिहाज से सतरूंडी में पुलिस चेक पोस्ट स्थापित की गई थी। वर्ष 1998 में दो अगस्त को कालावन के साथ लगते इलाके में आतंकवादी चंबा में दाखिल हुए और कालावन में 35 लोगों को गोलियों से भून डाला।
इतना ही नहीं आतंकवादी पांच लोगों को अपने साथ बंदी बनाकर ले गए जिनका आज तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। ऐसे में सतरूंडी से 20 किलोमीटर पीछे चेक पोस्ट हटा कर बैरागढ़ में स्थापित करना भविष्य के लिए बड़ी लापरवाही बन सकता है। गौरतलब है कि कालावन में आज भी भेड़पालक अपने पशुधन के साथ रुकते हैं।
मैदानी इलाकों में पड़ने वाली गर्मी के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटकों की आमद बढ़ रही है। बाहरी राज्यों केे पर्यटक परिवार के साथ कालावन और सतरूंडी पहुंच रहे हैं। मौजूदा समय में बैरागढ़ में चल रही पुलिस की चेकपोस्ट सड़क से गुजरने वाले हरेक गाड़ी की एंट्री करने और वाहनों में सवारों का बायोडाटा एकत्रित करने तक सीमित रह गई है। चेकपोस्ट से आगे सतरूंडी की तरफ जाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई पुख्ता प्रबंध नहीं है। सतरूंडी से आगे जेएंडके से सटा इलाका शुरू हो जाता है।
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बैरागढ़ चेकपोस्ट से रोजाना पांगी और साच पास की ओर करीब 300 वाहन आवाजाही करते हैं। बैरागढ़ से आगे मोबाइल नेटवर्क भी बंद हो जाता है। ऐसे में यदि कोई अप्रिय घटना पर्यटकों के साथ होती है तो पुलिस को समय पर इसकी सूचना तक नहीं मिल सकती है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि कई वर्षों से चेकपोस्ट बैरागढ़ में है। रूटीन में बटालियन के जवान गश्त पर रहते हैं। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस थानों और चौकियों से जवान मौके पर पहुंच जाते हैं। कहा कि इसके बारे में उपायुक्त चंबा से मिल कर चर्चा की जाएगी।
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इतना ही नहीं आतंकवादी पांच लोगों को अपने साथ बंदी बनाकर ले गए जिनका आज तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। ऐसे में सतरूंडी से 20 किलोमीटर पीछे चेक पोस्ट हटा कर बैरागढ़ में स्थापित करना भविष्य के लिए बड़ी लापरवाही बन सकता है। गौरतलब है कि कालावन में आज भी भेड़पालक अपने पशुधन के साथ रुकते हैं।
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मैदानी इलाकों में पड़ने वाली गर्मी के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटकों की आमद बढ़ रही है। बाहरी राज्यों केे पर्यटक परिवार के साथ कालावन और सतरूंडी पहुंच रहे हैं। मौजूदा समय में बैरागढ़ में चल रही पुलिस की चेकपोस्ट सड़क से गुजरने वाले हरेक गाड़ी की एंट्री करने और वाहनों में सवारों का बायोडाटा एकत्रित करने तक सीमित रह गई है। चेकपोस्ट से आगे सतरूंडी की तरफ जाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई पुख्ता प्रबंध नहीं है। सतरूंडी से आगे जेएंडके से सटा इलाका शुरू हो जाता है।
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बैरागढ़ चेकपोस्ट से रोजाना पांगी और साच पास की ओर करीब 300 वाहन आवाजाही करते हैं। बैरागढ़ से आगे मोबाइल नेटवर्क भी बंद हो जाता है। ऐसे में यदि कोई अप्रिय घटना पर्यटकों के साथ होती है तो पुलिस को समय पर इसकी सूचना तक नहीं मिल सकती है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि कई वर्षों से चेकपोस्ट बैरागढ़ में है। रूटीन में बटालियन के जवान गश्त पर रहते हैं। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस थानों और चौकियों से जवान मौके पर पहुंच जाते हैं। कहा कि इसके बारे में उपायुक्त चंबा से मिल कर चर्चा की जाएगी।