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सनवाल पंचायत के चचूल गांव में आग लगने से कच्चा मकान हुआ राख
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तीसा (चंबा)। ग्राम पंचायत सनवाल के चचूल गांव में दो परिवारों का आशियाना उनकी आंखों के सामने ही जलकर राख हो गया। ऐसे में दोनों परिवार कड़ाके की ठंड के बीच बेघर हो गए हैं। चाहक भी परिवार के सदस्य घर को जलने से नहीं बचा पाए। हालांकि गांव के लोगों ने मिलकर घर में लगी आग को बुझाया। मगर तब तक मकान पूरी तरह से राख हो चुका था।
गनीमत यह रही कि घटना में कोई भी जानी नुकसान नहीं हुआ। इसके चलते परिवार के सदस्य सुरक्षित बच गए। मगर दोनों परिवारों के सिर से छत छीन गई है। परिवारों को मजबूरी में सिर छुपाने के लिए रिश्तेदारों के घरों में शरण लेनी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार ज्ञासदीन पुत्र सुल्तान और बगसदीन पुत्र गैसदीन निवासी चचूल परिवार के साथ मकान में रहते थे। रविवार शाम को अचानक मकान में आग लग गई। आग की लपटें देख परिवार के सभी सदस्य घर से बाहर निकल आए। उन्होंने मदद के लिए गांव के अन्य लोगों को आवाजें दी। कुछ ही देर में पूरा गांव इकट्ठा हो गया।
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ग्रामीणों ने घरों में रखे पानी से भरे बर्तनों से मकान में लगी आग को बुझाने का प्रयास किया। जब लोगों के घरों में पानी खत्म होने लगा तो ग्रामीणों ने गांव में पड़ी बर्फ को आग के ऊपर फेंकना शुरू कर दिया। इस तरह जद्दोजहद के बाद ग्रामीणों ने मकान में लगी आग पर काबू पाया। वहीं प्रशासन को घटना की सूचना दी गई। प्रशासन की ओर से संबंधित पटवारी को नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के लिए घटनास्थल पर भेजा गया।
एसडीएम तीसा हेमचंद वर्मा ने बताया कि गांव में आग की चपेट में आने से मकान जलने की सूचना मिली है। नुकसान की रिपोर्ट बनाने के लिए पटवारी को मौके पर भेजा गया है। पटवारी की रिपोर्ट आने पर प्रभावित परिवार को राहत राशि प्रदान की जाएगी।
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गनीमत यह रही कि घटना में कोई भी जानी नुकसान नहीं हुआ। इसके चलते परिवार के सदस्य सुरक्षित बच गए। मगर दोनों परिवारों के सिर से छत छीन गई है। परिवारों को मजबूरी में सिर छुपाने के लिए रिश्तेदारों के घरों में शरण लेनी पड़ रही है।
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जानकारी के अनुसार ज्ञासदीन पुत्र सुल्तान और बगसदीन पुत्र गैसदीन निवासी चचूल परिवार के साथ मकान में रहते थे। रविवार शाम को अचानक मकान में आग लग गई। आग की लपटें देख परिवार के सभी सदस्य घर से बाहर निकल आए। उन्होंने मदद के लिए गांव के अन्य लोगों को आवाजें दी। कुछ ही देर में पूरा गांव इकट्ठा हो गया।
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ग्रामीणों ने घरों में रखे पानी से भरे बर्तनों से मकान में लगी आग को बुझाने का प्रयास किया। जब लोगों के घरों में पानी खत्म होने लगा तो ग्रामीणों ने गांव में पड़ी बर्फ को आग के ऊपर फेंकना शुरू कर दिया। इस तरह जद्दोजहद के बाद ग्रामीणों ने मकान में लगी आग पर काबू पाया। वहीं प्रशासन को घटना की सूचना दी गई। प्रशासन की ओर से संबंधित पटवारी को नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के लिए घटनास्थल पर भेजा गया।
एसडीएम तीसा हेमचंद वर्मा ने बताया कि गांव में आग की चपेट में आने से मकान जलने की सूचना मिली है। नुकसान की रिपोर्ट बनाने के लिए पटवारी को मौके पर भेजा गया है। पटवारी की रिपोर्ट आने पर प्रभावित परिवार को राहत राशि प्रदान की जाएगी।