{"_id":"5e1f3e0b8ebc3e4b1e5492e5","slug":"chamba-ambulance-in-bad-condition-chamba-news-sml321108870","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन लाख किमी चल चुके एंबुलेंस वाहनों पर ढ़ोए जा रहे चंबा के मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन लाख किमी चल चुके एंबुलेंस वाहनों पर ढ़ोए जा रहे चंबा के मरीज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रवीण कुमार
चंबा। जिले के छह लाख लोगों को एंबुलेंस सुविधा देने वाले 18 एंबुलेंस वाहनों में 13 वाहन कंडम हो चुके हैं। लेकिन सरकार और कंपनी मरीजों की सुरक्षा को दांव पर लगाकर कंडम वाहन को सड़क पर दौड़ा रही है। जोकि किसी भी समय मरीजों और एंबुलेंस स्टाफ के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। पांच सालों से चंबा जिले में कंडम वाहनों को एंबुलेंस के रूप में चलाया जा रहा है। यह एंबुलेंस वाहन तीन लाख किमी चल चुके हैं।
इससे अब यह वाहन सड़कों पर चलने लायक नहीं हैं। मगर प्रदेश सरकार और एंबुलेंस संचालन कंपनी इन वाहनों को बदलने की जगह एंबुलेंस की सेवाएं दे रही हैं। मरीजों को अस्पताल ले जाते समय कभी वाहनों की ब्रेक फेल हो जाती है, तो कभी आग लग जाती है। इसके अलावा बीच रास्ते में खराब होने से मरीज की जिंदगी पर खतरा मंडराता रहता है।
जिले में मौजूदा समय में 18 एंबुलेंस चलाई जा रही हैं। इसमें से दो एंबुलेंस वाहन ही नए हैं। जबकि एक एंबुलेंस वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण सड़क पर खड़ा है। इसके अलावा 13 एंबुलेंस वाहन ऐसे हैं, जोकि क्षमता से अधिक चल चुके हैं। इस बारे में प्रदेश सरकार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिलाधीश को भी अवगत करवा दिया गया है।
विज्ञापन
एंबुलेंस संचालन कंपनी की ओर से हर माह एंबुलेंस वाहनों की रिपोर्ट सरकार सहित जिले के अधिकारियों को भेजी जा रही है। मगर रिपोर्ट को अनदेखा करके सरकार मरीजों को अस्पताल लाने और छोड़ने के लिए कंडम वाहनों का इस्तेमाल कर रही है।
इस कारगुजारी के खिलाफ आवाज उठाने को न तो पक्ष आगे आ रहा है ओर न ही विपक्ष चुपी खोल रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राजेश गुलेरी ने माना कि चंबा में चलने वाले एंबुलेंस वाहनों की सड़क पर चलने की क्षमता खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बारे में सरकार को अवगत करवा चुके हैं। जल्द ही चंबा को नए एंबुलेंस वाहन मिलने की उम्मीद है।
चंबा को जल्द मिलेंगे नए एंबुलेंस वाहन : परमार
स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए वचनबद्ध है। जल्द ही चंबा जिला में नए एंबुलेंस वाहन मुहैया करवाए जाएंगे।
इनसेट
जिला कांग्रेस चंबा के अध्यक्ष नीरज नैयर ने कहा कि सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। जिले में वर्तमान 108 एंबुलेंस की दशा बहुत ही दयनीय है। सरकार को खटारा एंबुलेंस की जगह पर नई एंबुलेंस प्रदान करनी चाहिए।
इनसेट
सदर विधायक पवन नैयर ने कहा कि जिले में एंबुलेंसों की बदतर हालत के बारे में मुख्यमंत्री से बात की जाएगी। इसके साथ ही नई एंबुलेंस वाहन प्रदान करने की भी मांग की जाएगी।
विज्ञापन
चंबा। जिले के छह लाख लोगों को एंबुलेंस सुविधा देने वाले 18 एंबुलेंस वाहनों में 13 वाहन कंडम हो चुके हैं। लेकिन सरकार और कंपनी मरीजों की सुरक्षा को दांव पर लगाकर कंडम वाहन को सड़क पर दौड़ा रही है। जोकि किसी भी समय मरीजों और एंबुलेंस स्टाफ के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। पांच सालों से चंबा जिले में कंडम वाहनों को एंबुलेंस के रूप में चलाया जा रहा है। यह एंबुलेंस वाहन तीन लाख किमी चल चुके हैं।
इससे अब यह वाहन सड़कों पर चलने लायक नहीं हैं। मगर प्रदेश सरकार और एंबुलेंस संचालन कंपनी इन वाहनों को बदलने की जगह एंबुलेंस की सेवाएं दे रही हैं। मरीजों को अस्पताल ले जाते समय कभी वाहनों की ब्रेक फेल हो जाती है, तो कभी आग लग जाती है। इसके अलावा बीच रास्ते में खराब होने से मरीज की जिंदगी पर खतरा मंडराता रहता है।
विज्ञापन
जिले में मौजूदा समय में 18 एंबुलेंस चलाई जा रही हैं। इसमें से दो एंबुलेंस वाहन ही नए हैं। जबकि एक एंबुलेंस वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण सड़क पर खड़ा है। इसके अलावा 13 एंबुलेंस वाहन ऐसे हैं, जोकि क्षमता से अधिक चल चुके हैं। इस बारे में प्रदेश सरकार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिलाधीश को भी अवगत करवा दिया गया है।
विज्ञापन
एंबुलेंस संचालन कंपनी की ओर से हर माह एंबुलेंस वाहनों की रिपोर्ट सरकार सहित जिले के अधिकारियों को भेजी जा रही है। मगर रिपोर्ट को अनदेखा करके सरकार मरीजों को अस्पताल लाने और छोड़ने के लिए कंडम वाहनों का इस्तेमाल कर रही है।
इस कारगुजारी के खिलाफ आवाज उठाने को न तो पक्ष आगे आ रहा है ओर न ही विपक्ष चुपी खोल रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राजेश गुलेरी ने माना कि चंबा में चलने वाले एंबुलेंस वाहनों की सड़क पर चलने की क्षमता खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बारे में सरकार को अवगत करवा चुके हैं। जल्द ही चंबा को नए एंबुलेंस वाहन मिलने की उम्मीद है।
चंबा को जल्द मिलेंगे नए एंबुलेंस वाहन : परमार
स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए वचनबद्ध है। जल्द ही चंबा जिला में नए एंबुलेंस वाहन मुहैया करवाए जाएंगे।
इनसेट
जिला कांग्रेस चंबा के अध्यक्ष नीरज नैयर ने कहा कि सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। जिले में वर्तमान 108 एंबुलेंस की दशा बहुत ही दयनीय है। सरकार को खटारा एंबुलेंस की जगह पर नई एंबुलेंस प्रदान करनी चाहिए।
इनसेट
सदर विधायक पवन नैयर ने कहा कि जिले में एंबुलेंसों की बदतर हालत के बारे में मुख्यमंत्री से बात की जाएगी। इसके साथ ही नई एंबुलेंस वाहन प्रदान करने की भी मांग की जाएगी।