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बीमार बच्चों को गोद में उठाकर डॉक्टर का इंतजार करते रहे परिजन

Tue, 17 May 2022 10:48 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 17 May 2022 10:48 PM IST
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Carrying sick children in their arms, the family kept waiting for the doctor
मेडिकल कॉलेज चंबा की शिशु रोग विशेषज्ञ ओपीडी के बाहर डॉक्टर के इंतजार में बच्चों संग परेशान बैठी? - फोटो : Chamba
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी अब बीमार बच्चों पर भारी पड़ने लगी है। शिशु रोग विभाग से तीन विशेषज्ञ नौकरी छोड़ चुके हैं।
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मंगलवार को ओपीडी के बाहर अभिभावक अपने बीमार बच्चों को गोद में उठाकर दो घंटे तक फर्श पर बैठकर इंतजार करते रहे लेकिन दो घंटे तक ओपीडी में कोई विशेषज्ञ नहीं पहुंचा। इतने में जब अभिभावकों का गुस्सा भड़कने लगा तो वहां तैनात कर्मचारियों ने उन्हें जानकारी दी कि एक इमरजेंसी केस है, जिसे देखने के लिए शिशु रोग विशेषज्ञ गए हुए हैं।
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चुराह से 60 किलोमीटर की दूरी तय कर चंबा मेडिकल कॉलेज पहुंचीं भागदेई ने बताया कि उनकी बच्ची बीमार है। उसका इलाज करवाने के लिए वह सुबह से ओपीडी के बाहर बैठी हैं लेकिन वहां कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। इसकी वजह से उन्हें काफी परेशानी हुई। इसी तरह जिले के अन्य इलाकों से भी लोग अपने बीमार बच्चों को लेकर पहुंचे थे जिन्हें उनके इलाज के लिए दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। ओपीडी में डॉक्टर सिर्फ कुछ देर ही बैठा। इमरजेंसी केस आने पर वह ओपीडी से चले गए। मरीजों को जाने से पहले यह कहा गया कि वह दस मिनट में लौट आएंगे लेकिन दो घंटे तक कोई डॉक्टर वहां नहीं पहुंचा। एक महिला अपने बीमार बच्चे को चक्कर आने पर काफी घबरा गई। इस पर मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवालिया निशान भी खड़े किए।
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सरकार ने पिछले माह चंबा में 35 विशेषज्ञों की प्रतिनियुक्ति पर चंबा मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी लगाई थी। इनमें शिशु रोग विशेषज्ञ भी शामिल थे लेकिन इन विशेषज्ञों को भी सरकार ने वापस बुला लिया है। इसके चलते मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञों की कमी हो गई है।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि इमरजेंसी केस आने की वजह से डॉक्टर को ओपीडी छोड़कर वहां से जाना पड़ा था। इमरजेंसी केस देखने के बाद डॉक्टर वापस ओपीडी पहुंच गया था। डॉक्टरों की कमी की वजह से दिक्कत हो रही है। इसके बारे में सरकार को अवगत करवाया जा चुका है।
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