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सितंबर खत्म होने को, डिपुओं में नहीं पहुंची चीनी
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By the end of September, sugar did not reach the depots
तीसा (चंबा)। चुराह उपमंडल के तहत राशन कार्ड धारकों को डिपुओं में हर माह कोई न कोई खाद्य सामग्री कम मिल रही है। नतीजतन, हर माह उपभोक्ताओं को बाजार से महंगे दामों पर खाद्य सामग्री खरीदनी पड़ रही है। इससे निर्धन परिवारों की जेबों पर कैंची चल रही है।
वहीं, उचित मूल्य की दुकानों से हर माह कोई न कोई खाद्य सामग्री कम मिलने के कारण अब लोगों को राशन की कालाबाजारी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की भी आशंका है। ग्रामीणों ने उपायुक्त और जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक से मामले की निष्पक्षता से जांच कराने की मांग की है।
गौरतलब है कि विधानसभा क्षेत्र चुराह के तहत परिक्षेत्र में 70 से अधिक डिपो संचालक हैं। इनमें 18 हजार उपभोक्ता आते हैं। इनमें छह हजार के करीब बीपीएल, तीन हजार के करीब अंत्योदय परिवार और शेष एपीएल परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। हैरानी की बात यह है कि हर माह क्षेत्र के उचित मूल्य की दुकानों से कोई न कोई खाद्य सामग्री गायब रहती है, जिससे राशनकार्ड धारकों को परेशानी होती है।
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ग्रामीणों सुरेंद्र कुमार, अजय कुमार, लेखराज, दीवान सिंह, नंद लाल, रूप सिंह, चंदू राम, रीता देवी, कौशल्या देवी, जानकी और हेमलता ने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों से हर बार कोई न कोई खाद्य सामग्री गायब रहती है। कहा कि इस माह की 23 तारीख हो गई है और उचित मूल्य की दुकानों में चीनी का कोटा नहीं पहुंचा है।
अगस्त में मसर की दाल तो जुलाई में सरसों का तेल उचित मूल्य की दुकानों में नहीं मिला। डिपुओं में चीनी न मिलने की सूरत में लोगों को बाजार से 50 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से चीनी खरीदनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने डीसी और संबंधित विभागीय अधिकारी से मांग की है कि मामले की जांच करवा कर लोगों को स्पष्टीकरण दिया जाए।
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वहीं, उचित मूल्य की दुकानों से हर माह कोई न कोई खाद्य सामग्री कम मिलने के कारण अब लोगों को राशन की कालाबाजारी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की भी आशंका है। ग्रामीणों ने उपायुक्त और जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक से मामले की निष्पक्षता से जांच कराने की मांग की है।
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गौरतलब है कि विधानसभा क्षेत्र चुराह के तहत परिक्षेत्र में 70 से अधिक डिपो संचालक हैं। इनमें 18 हजार उपभोक्ता आते हैं। इनमें छह हजार के करीब बीपीएल, तीन हजार के करीब अंत्योदय परिवार और शेष एपीएल परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। हैरानी की बात यह है कि हर माह क्षेत्र के उचित मूल्य की दुकानों से कोई न कोई खाद्य सामग्री गायब रहती है, जिससे राशनकार्ड धारकों को परेशानी होती है।
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ग्रामीणों सुरेंद्र कुमार, अजय कुमार, लेखराज, दीवान सिंह, नंद लाल, रूप सिंह, चंदू राम, रीता देवी, कौशल्या देवी, जानकी और हेमलता ने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों से हर बार कोई न कोई खाद्य सामग्री गायब रहती है। कहा कि इस माह की 23 तारीख हो गई है और उचित मूल्य की दुकानों में चीनी का कोटा नहीं पहुंचा है।
अगस्त में मसर की दाल तो जुलाई में सरसों का तेल उचित मूल्य की दुकानों में नहीं मिला। डिपुओं में चीनी न मिलने की सूरत में लोगों को बाजार से 50 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से चीनी खरीदनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने डीसी और संबंधित विभागीय अधिकारी से मांग की है कि मामले की जांच करवा कर लोगों को स्पष्टीकरण दिया जाए।