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Chamba News: शीशों में दरारें, फटी सीटें, गंजे टायरों के साथ दौड़ रहीं बसें
Mon, 27 May 2024 11:01 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 27 May 2024 11:01 PM IST
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चंबा परिवहन निगम की बस के गंजे टायर।संवाद
चंबा। जिला चंबा के विभिन्न रूटों पर चलने वाली सरकारी बसों की हालत काफी खस्ता है। निगम की कई बसों में टायर गंजे हो गए हैं तो कई बसों के शीशों में दरारें आ गई हैं या टूट गए हैं।
किसी बस का फ्रंट मिरर टूटा है। बिना इंडिकेटर, बैक लाइट ये बसें दौड़ाई जा रही हैं। यात्रियों का कहना है कि कुछ एचआरटीसी बसों की खिड़कियां टूटी-फूटी हैं। ये फट गई हैं। लोगों का आरोप है कि अधिकांश बसों में यात्रियों को खड़े होकर ही यात्रा करनी पड़ती है। बसों में सफाई का भी काफी अभाव है। यात्रियों को स्वयं सीट साफ कर बैठना पड़ता है। बसों में झाड़ू तक नहीं लगाई जाती है।
सूत्रों ने बताया कि एचआरटीसी का चंबा डिपो परिवहन निगम को सबसे अधिक मुनाफा कमाकर दे रहा है। बावजूद इसके बसों की सुध लेने के लिए प्रबंधन कोई कदम नहीं उठा रहा है।
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केशव कुमार, सुमित्रा देवी, कौशल्या देवी, राज कुमार और सुनील कुमार ने कहा कि बसों में यात्रियों की सबसे बड़ी समस्या सीट न मिलने की होती है। कंडक्टर यात्रियों का टिकट तो बना देते हैं, लेकिन सीट न होने की वजह से बहुत से यात्रियों को खड़े-खड़े ही यात्रा करनी पड़ती है। कई बार तो सीट खराब होने के कारण बैठ भी नहीं पाते हैं। उधर, एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने कहा कि कलपुर्जों की मांग भेजी है। कहा कि समस्या का समाधान हो जाएगा।
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आग बुझाने के संयंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स तक नहीं
लोगों का आरोप है कि एक तरफ सरकार यात्रियों की सुविधा के नाम पर सालाना करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन अधिकांश बसों में आग बुझाने के संयंत्र तक नहीं हैं। कोई दुर्घटना या सवारी चोटिल होने की सूरत में बसों में प्राथमिक उपचार करने के लिए मरहम पट्टी तक उपलब्ध नहीं है। कहा कि चंबा डिपो में बसों की हालत काफी खराब हो चुकी है। आए दिन अब बसें खटारा होती जा रही हैं। इनकी मरम्मत करने के लिए कलपुर्जे तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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किसी बस का फ्रंट मिरर टूटा है। बिना इंडिकेटर, बैक लाइट ये बसें दौड़ाई जा रही हैं। यात्रियों का कहना है कि कुछ एचआरटीसी बसों की खिड़कियां टूटी-फूटी हैं। ये फट गई हैं। लोगों का आरोप है कि अधिकांश बसों में यात्रियों को खड़े होकर ही यात्रा करनी पड़ती है। बसों में सफाई का भी काफी अभाव है। यात्रियों को स्वयं सीट साफ कर बैठना पड़ता है। बसों में झाड़ू तक नहीं लगाई जाती है।
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सूत्रों ने बताया कि एचआरटीसी का चंबा डिपो परिवहन निगम को सबसे अधिक मुनाफा कमाकर दे रहा है। बावजूद इसके बसों की सुध लेने के लिए प्रबंधन कोई कदम नहीं उठा रहा है।
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केशव कुमार, सुमित्रा देवी, कौशल्या देवी, राज कुमार और सुनील कुमार ने कहा कि बसों में यात्रियों की सबसे बड़ी समस्या सीट न मिलने की होती है। कंडक्टर यात्रियों का टिकट तो बना देते हैं, लेकिन सीट न होने की वजह से बहुत से यात्रियों को खड़े-खड़े ही यात्रा करनी पड़ती है। कई बार तो सीट खराब होने के कारण बैठ भी नहीं पाते हैं। उधर, एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने कहा कि कलपुर्जों की मांग भेजी है। कहा कि समस्या का समाधान हो जाएगा।
आग बुझाने के संयंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स तक नहीं
लोगों का आरोप है कि एक तरफ सरकार यात्रियों की सुविधा के नाम पर सालाना करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन अधिकांश बसों में आग बुझाने के संयंत्र तक नहीं हैं। कोई दुर्घटना या सवारी चोटिल होने की सूरत में बसों में प्राथमिक उपचार करने के लिए मरहम पट्टी तक उपलब्ध नहीं है। कहा कि चंबा डिपो में बसों की हालत काफी खराब हो चुकी है। आए दिन अब बसें खटारा होती जा रही हैं। इनकी मरम्मत करने के लिए कलपुर्जे तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।