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जिले में सात रूटों पर नहीं चली बसें
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चंबा। जिले में सात रूटों पर ब्रेकडाउन के कारण बसें नहीं चल पाईं। बसों के निर्धारित रूटों पर न चलने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को निजी वाहन हायर कर या पैदल ही अपने गंतव्यों तक पहुंचना पड़ रहा है।
गौरतलब कि पीस मील वर्कर अनुबंध पर लाए जाने की मांग को लेकर शनिवार को भी हड़ताल पर डटे रहे। वर्करों ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया है कि जब तक उनकी जायज मांग पूरी नहीं हो जाती हैं, तब तक वे हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। शनिवार को चंबा-भरमौर, चंबा-जुठाहर, चंबा-दियोला, चंबा-छतराड़ी, चंबा-कोल्हड़ी, चंबा-सुनारा-कुंड़ी और चंबा-डलहौजी रूटों पर बसें नहीं चल पाईं। इसके चलते शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को निजी वाहनों के जरिये ही घरों का रुख करना पड़ा।
वहीं, यात्रियों में अमित कुमार, प्रकाश चंद, दलीपा राम, किशन चंद आदि ने बताया कि बसों में कम किराये में वे सामान सहित घर पहुंच जाते हैं लेकिन, अब निजी वाहन चालकों को मनमाना किराया चुका कर उन्हें घर पहुंचना पड़ रहा है। सरकार और परिवहन निगम को वर्करों की मांगों को पूरा कर देना चाहिए।
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गौरतलब कि पीस मील वर्कर अनुबंध पर लाए जाने की मांग को लेकर शनिवार को भी हड़ताल पर डटे रहे। वर्करों ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया है कि जब तक उनकी जायज मांग पूरी नहीं हो जाती हैं, तब तक वे हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। शनिवार को चंबा-भरमौर, चंबा-जुठाहर, चंबा-दियोला, चंबा-छतराड़ी, चंबा-कोल्हड़ी, चंबा-सुनारा-कुंड़ी और चंबा-डलहौजी रूटों पर बसें नहीं चल पाईं। इसके चलते शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को निजी वाहनों के जरिये ही घरों का रुख करना पड़ा।
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वहीं, यात्रियों में अमित कुमार, प्रकाश चंद, दलीपा राम, किशन चंद आदि ने बताया कि बसों में कम किराये में वे सामान सहित घर पहुंच जाते हैं लेकिन, अब निजी वाहन चालकों को मनमाना किराया चुका कर उन्हें घर पहुंचना पड़ रहा है। सरकार और परिवहन निगम को वर्करों की मांगों को पूरा कर देना चाहिए।
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