फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   Bridge over Kangela Nala yet to be built; monsoon will increase difficulties.

Chamba News: कंगेला नाला पर अब तक नहीं बना पुल, बरसात बढ़ाएगी दिक्कत

Tue, 30 Jun 2026 11:08 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Tue, 30 Jun 2026 11:08 AM IST
विज्ञापन
Bridge over Kangela Nala yet to be built; monsoon will increase difficulties.
चंबा। बघेईगढ़ पंचायत के कंगेला नाला पर वर्ष 2025 में बना करीब 2.24 करोड़ रुपये की लागत का पुल बादल फटने से बहने के बाद चार पंचायतों के ग्रामीण अब भी जान जोखिम में डालकर नाले से आवाजाही करने को मजबूर हैं। मानसून में लोगों की दिक्कतें और बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन

प्रशासन की ओर से वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था तो की गई है लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल अस्थायी समाधान है। बरसात में नाले का जलस्तर बढ़ने पर क्षेत्र का संपर्क पूरी तरह टूट सकता है।
विज्ञापन

बघेईगढ़, चांजू, चरड़ा और देहरा पंचायतों के लोगों ने बताया कि यदि आगामी मानसून में कंगेला नाला उफान पर आया तो हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी और कई गांवों का संपर्क कट सकता है। ऐसे में लोगों को घरों में कैद होकर रहना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्थानीय निवासी अशोक कुमार, जीत सिंह, दलीप कुमार, कन्हैया राम, प्रताप चंद, योगराज और राजीव कुमार ने आरोप लगाया कि पुल निर्माण के दौरान भी अनियमितताएं बरती गईं। उनका कहना है कि ठेकेदार ने पुल के समीप ही निर्माण सामग्री और मलबा डंप कर दिया था, जो बरसात के दौरान बहकर नाले में पहुंचा और पुल के क्षतिग्रस्त होने का कारण बना।
उन्होंने कहा कि पुल बहने के बाद आज तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है और लोग अस्थायी मार्ग से ही जोखिम उठाकर आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से जल्द नए पुल का निर्माण शुरू करने और मौजूदा वैकल्पिक मार्ग को सुरक्षित बनाने की मांग की है, ताकि बरसात के दौरान किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

पुल बहने के कारणों की जल्द पूरी हो जांच : प्रधान
बघेईगढ़ पंचायत के प्रधान विपिन राजपूत ने कहा कि कंगेला नाला पर पुल का पुनर्निर्माण शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए। साथ ही पुल बहने के कारणों की निष्पक्ष जांच जल्द पूरी कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान मलबा समय पर नहीं हटाया गया, जिससे आपदा के दौरान पुल को नुकसान पहुंचा।

जांच रिपोर्ट के बाद होगा फैसला
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि क्षतिग्रस्त पुल की सामग्री दोबारा उपयोग योग्य है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए मैकेनिकल विंग और विभागीय अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि पुराने ढांचे का उपयोग किया जा सकता है या नए पुल का निर्माण करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed