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जन्म के दिन ही नितीश को लील गया काल
ब्यूरो, अमर उजाला (चंबा)
Updated Sun, 06 Mar 2016 06:32 PM IST
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काल के फेर ने एक बार फिर से वैदिक नदी रावी के नाम को दागदार कर दिया। भारतीय सेना के पठानकोट एयरबेस से पांच जवानों को शनिवार को चंबा में रावी नदी तट तक शायद काल का फेर ही ले गया। वरना हवा से बातें करने वालों का नदी की गहराई से क्या मेल।
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वाकया कुछ यूं हुआ कि शनिवार को अचानक इन पांचों जवानों ने अपने में से एक नितीश का जन्मदिन मनाने की योजना बनाई। योजनानुसार नवीन शर्मा, गजिंद्र, नवल, शक्ति राठौर व नितिश पठानकोट की तपती धूप और गर्म माहौल को छोड़ लगभग एक सौ बीस किलोमीटर दूर चंबा शहर आ पहुंचे। जहां हवा से बातें करने वाले इन पांचों जवानों ने शाम के समय शांत दिख रही रावी नदी के तट के समीप कुछ समय बीताना चाहा। तो काल चक्र को अपनी योजना सफल होते दिखी। जिस पर परियोजना के बांध से छोड़े गए पानी ने जलती आग पर घी का काम किया। जिसमें देखते ही देखते पांचों जवान घिर गए।
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काफी मशक्त के बाद नवीन, गजिंद्र व नवल तो रावी नदी के जल प्रवाह की धारा को काट कर काल चक्र को चकमा देने में कामयाब रहे लेकिन नितीश और शक्ति राठौर को काल चक्र अपने साथ रावी नदी की गहराई में हिचकोले लगाता हुआ ले गया। नतीजतन जन्मदिन पर ही नितीश काल का ग्रास बना तो काल ने शक्ति राठौर को भी नहीं बख्शा। इन दोनों के शव शनिवार को हादसे के बाद रविवार की सुबह मिल गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैली हुई है।
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