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Chamba News: मक्की बेचने से पहले रंग और खेती का तरीका देख लें किसान
Wed, 28 Oct 2026 10:47 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 28 Oct 2026 10:47 PM IST
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चंबा में 400 क्विंटल उपज खरीदने की तैयारी, हाइब्रिड मक्की को नहीं मिलेगी जगह
सफेद, पीली मक्की की अलग-अलग होगी खरीद, प्राकृतिक खेती करने वालों को प्राथमिकता
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मक्की बेचने की तैयारी कर रहे किसानों को इस बार उपज के रंग के साथ खेती के तरीके का भी ध्यान रखना होगा। कृषि विभाग सफेद और पीली मक्की की अलग-अलग खरीद करेगा, लेकिन इसमें प्राकृतिक खेती से तैयार फसल ही शामिल होगी।
विभाग करीब 400 क्विंटल मक्की खरीदने की तैयारी में है। हाइब्रिड बीज से तैयार मक्की इस बार खरीद प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनेगी।
पिछली बार कृषि विभाग ने किसानों से करीब 415 क्विंटल मक्की खरीदी थी। हालांकि, इसमें अधिकतर उपज हाइब्रिड किस्म की थी। इस बार विभाग ने खरीद के मानदंड बदलते हुए प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इससे प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा।
खरीद के दौरान सफेद और पीली मक्की को अलग-अलग रखा जाएगा। ऐसे में किसानों को उपज की किस्म और रंग के अनुसार मक्की उपलब्ध करवानी होगी। सफेद मक्की को जीआई टैग मिलने से इसकी विशिष्ट पहचान को भी महत्व मिला है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार केवल प्राकृतिक खेती से तैयार सफेद और पीली मक्की खरीदी जाएगी। हाइब्रिड मक्की की खरीद नहीं होगी।
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सफेद, पीली मक्की की अलग-अलग होगी खरीद, प्राकृतिक खेती करने वालों को प्राथमिकता
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मक्की बेचने की तैयारी कर रहे किसानों को इस बार उपज के रंग के साथ खेती के तरीके का भी ध्यान रखना होगा। कृषि विभाग सफेद और पीली मक्की की अलग-अलग खरीद करेगा, लेकिन इसमें प्राकृतिक खेती से तैयार फसल ही शामिल होगी।
विभाग करीब 400 क्विंटल मक्की खरीदने की तैयारी में है। हाइब्रिड बीज से तैयार मक्की इस बार खरीद प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनेगी।
पिछली बार कृषि विभाग ने किसानों से करीब 415 क्विंटल मक्की खरीदी थी। हालांकि, इसमें अधिकतर उपज हाइब्रिड किस्म की थी। इस बार विभाग ने खरीद के मानदंड बदलते हुए प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इससे प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा।
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खरीद के दौरान सफेद और पीली मक्की को अलग-अलग रखा जाएगा। ऐसे में किसानों को उपज की किस्म और रंग के अनुसार मक्की उपलब्ध करवानी होगी। सफेद मक्की को जीआई टैग मिलने से इसकी विशिष्ट पहचान को भी महत्व मिला है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार केवल प्राकृतिक खेती से तैयार सफेद और पीली मक्की खरीदी जाएगी। हाइब्रिड मक्की की खरीद नहीं होगी।
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