{"_id":"6a3032e73e81a0146f033c56","slug":"ban-on-fishing-in-rivers-and-streams-until-august-15-chamba-news-c-88-1-ssml1004-186841-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: नदी-नालों में 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: नदी-नालों में 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध
Mon, 15 Jun 2026 10:44 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 15 Jun 2026 10:44 PM IST
विज्ञापन
प्रजनन काल के दौरान मत्स्य संपदा संरक्षण के लिए लिया गया निर्णय, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के सभी नदी-नालों, खड्डों और प्राकृतिक जल स्रोतों में 16 जून से 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध मछलियों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है।
मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक प्रीतम ने बताया कि मानसून के दौरान अधिकांश मछलियां अंडे देती हैं। उनका प्रजनन काल चलता है। ऐसे समय में मछली पकड़ने से उनकी संख्या प्रभावित होती है जिससे जल स्रोतों में मत्स्य संसाधनों पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसी कारण हर वर्ष निर्धारित अवधि के लिए मछली पकड़ने पर रोक लगाई जाती है।
उन्होंने कहा कि प्रतिबंध अवधि के दौरान किसी भी व्यक्ति को नदी, नाले या खड्ड में मछली पकड़ने की अनुमति नहीं होगी। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मत्स्य अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मछुआरों और आम लोगों से प्रतिबंध अवधि का पालन करने तथा मत्स्य संसाधनों के संरक्षण में सहयोग देने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अवैध रूप से मछली पकड़ने की गतिविधियों की सूचना संबंधित अधिकारियों को देने का भी आग्रह किया है। बताया कि विभाग की ओर से चमेरा जलाशय में तीन और रणजीत सागर जलाशय में लगा कर लोगों को मछलियां पकड़ने पर प्रतिबंध को लेकर जागरूक किए है। साथ ही विभाग की ओर से उड़नदस्ते भी गठित किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के सभी नदी-नालों, खड्डों और प्राकृतिक जल स्रोतों में 16 जून से 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध मछलियों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है।
मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक प्रीतम ने बताया कि मानसून के दौरान अधिकांश मछलियां अंडे देती हैं। उनका प्रजनन काल चलता है। ऐसे समय में मछली पकड़ने से उनकी संख्या प्रभावित होती है जिससे जल स्रोतों में मत्स्य संसाधनों पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसी कारण हर वर्ष निर्धारित अवधि के लिए मछली पकड़ने पर रोक लगाई जाती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रतिबंध अवधि के दौरान किसी भी व्यक्ति को नदी, नाले या खड्ड में मछली पकड़ने की अनुमति नहीं होगी। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मत्स्य अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मछुआरों और आम लोगों से प्रतिबंध अवधि का पालन करने तथा मत्स्य संसाधनों के संरक्षण में सहयोग देने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अवैध रूप से मछली पकड़ने की गतिविधियों की सूचना संबंधित अधिकारियों को देने का भी आग्रह किया है। बताया कि विभाग की ओर से चमेरा जलाशय में तीन और रणजीत सागर जलाशय में लगा कर लोगों को मछलियां पकड़ने पर प्रतिबंध को लेकर जागरूक किए है। साथ ही विभाग की ओर से उड़नदस्ते भी गठित किए गए हैं।
विज्ञापन