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Chamba News: टीबी के छिपे मरीजों तक पहुंचने में जुटा आयुष विभाग, एक माह में 216 रेफर

Thu, 24 Sep 2026 10:44 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Thu, 24 Sep 2026 10:44 PM IST
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AYUSH Department working to reach undetected TB patients; 216 referred in one month.
पहले 34 मरीजों तक सिमटी थी रेफरल दर, अब 200 के पार पहुंचा आंकड़ा
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जांच में दो ऐसे मरीज मिले, जिनमें छिपी थी टीबी की बीमारी, चल रहा इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले को टीबी मुक्त बनाने के अभियान के बीच आयुष विभाग ने अब संदिग्ध मरीजों की पहचान और रेफरल की रफ्तार बढ़ा दी है।
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल से टीबी की जांच के लिए मरीजों को रेफर करने का आंकड़ा अचानक बढ़कर 216 तक पहुंच गया है। खास बात यह है कि कुछ समय पहले तक एक महीने में महज 34 मरीज ही रेफर किए जा रहे थे। बढ़ी रेफरल दर के बाद जांच में दो छिपे टीबी मरीजों की पहचान भी हुई है।
दरअसल, टीबी के कई मरीज बीमारी के लक्षणों को सामान्य समझकर जांच नहीं करवाते हैं। ऐसे में बीमारी की पहचान में देरी होने के साथ संक्रमण फैलने का खतरा भी बना रहता है। इसी को देखते हुए आयुष विभाग ने जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों में टीबी के संभावित मामलों की पहचान कर उन्हें जांच के लिए रेफर करने की प्रक्रिया तेज की है। टीबी मुक्त अभियान की समीक्षा बैठक में कुछ माह पहले आयुष विभाग को कम रेफरल मरीज टीबी जांच के लिए भेजने के लिए फटकार लगाई थी। ऐसे में जिला आयुष अधिकारी ने सभी आयुष चिकित्सकों को आदेश जारी किए कि वे ओपीडी में खांसी, बुखार वाले मरीजों में टीबी के लक्षणों का अनुमान लगाकर जांच के लिए रेफर करें। यही वजह रही कि पिछले एक महीने में रेफरल मरीजों का आंकड़ा 200 के पार हो चुका है। विभाग ने लक्ष्य रखा है कि रेफरल मरीजों की संख्या में खुद को जिले में टॉप की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
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--टीबी मुक्त अभियान की सफलता के लिए केवल पहले से चिह्नित मरीजों का उपचार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बीमारी से अनजान मरीजों की पहचान भी जरूरी है। इसी दिशा में आयुष विभाग की ओर से संदिग्ध मरीजों को जांच के लिए रेफर किया जा रहा है। - डॉ. अनीता शर्मा, जिला आयुष अधिकारी
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