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मिंजर मेले में कपड़े धोआं कने रोआं कुंजुआ...गीत से बांधा समां
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मिंजर मेले की सांस्कृतिक संध्या का लुत्फ उठाते लोग। संवाद
चंबा। मिंजर मेले की चौथी सांस्कृतिक संध्या बॉलीवुड के पार्श्व गायकों के नाम रही। स्टार नाइट के पार्श्व गायक राजीव थापा ने चंबयाली गीत कपड़े धोआं कने रोआं कुंजुआ...गीत से की। इसके बाद उन्होंने पारली वणियां मोर जे बोलया.... माए नी मेरिए जम्मूए दी राहें चंबा किनी की दूर... गीत की प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। इसके बाद उन्होंने गजल सम्राट जगजीत की गजल प्यार का इक खत लिखने में वक्त की... मनमोहक प्रस्तुति दी।
उन्होंने नाम गुम जाएगा-चेहरा ये बदल जाएगा....गीत प्रस्तुत किया। थापा ने सोचता हूं कि वो कितने मासूम थे... क्या से क्या हो गया देखते-देखते, तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी, मेरे रस्के कमर, लाई भी नी गई ते निभाई भी नी गेई... गीत प्रस्तुत कर पंडाल में बैठे दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। इसके बाद पार्श्व गायिका शिल्पा सरोच ने मंच संभाला। उन्होंने कार्यक्रम का आगाज बोल दो न जरा... गीत से की। उन्होंने जुगनी जी... गीत की मनमोहक प्रस्तुति दी। उन्होंने कार्यक्रम में हिमाचली रंगों का समावेश करते हुए हिमाचली गीत माए नी मेरिए जम्मूए दी राहें चंबा कितनी के दूर... प्रस्तुत किया।
सांस्कृतिक संध्या का आगाज उत्तम एंड चंपा की ओर से पारंपरिक मुसादा गायन की प्रस्तुति से हुआ। इसके बाद चंबा के कलाकार चिको सोनी, सनी और विजय कुमार ने गीतों की प्रस्तुति दी। चंबा के जग्गो राम ने मुसादा गायन की प्रस्तुति दी। बांसुरी वादक बंटी आर्य की बांसुरी की मधुर धुनों ने दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इसके उपरांत चंबा के सुल्ताना अख्तर, शिमला के कर्ण, चंबा के आशीष कुमार, प्रियंका कुमारी, हिना और रिया ठाकुर ने एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियां दीं। परीक्षा, दीप्ती और सलोनी ने समूह गीत की प्रस्तुति दी। तीसा के घिंद्र सिंह ने गीत प्रस्तुत किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। इसके बाद सननी खन्ना ने शायरी की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। तीसा की सीमा, योगराज, ज्योति, हंसराज सोनी, सलूणी के अमन वर्मा, प्रीति देवी, विनोद कुमार और प्रियंका ने गीतों की एक के बाद एक प्रस्तुतियां दीं। तीसा के तिलक ने रैप प्रस्तुत किया।
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सनातन धर्म नाटक मंडल चंबा के कलाकारों ने भी कार्यक्रम में प्रस्तुति दी। धारिका कौशल, अरमान, सिढकुंड डांस ग्रुप ने प्रस्तुति दी। अरमान, राहुल नेगी ने गीत, चंबा के मुस्कान और आकांक्षा, महक और ममता कुमारी ने नृत्य प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। श्याम दर्पण कला निकेतन चंबा के कलाकारों ने समूह नृत्य, शिमला के रिषभ सल्होत्रा, और मीना केशव म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों, तीसा के संजीव चुराही, भरमौर के नरोत्तम ने गीतों की झड़ी लगाकर वाहवाही लूटी। अजीत भट्ट एंड पार्टी ने पारंपरिक कुंजड़ी मल्हार की प्रस्तुति दी। हिमाचली लोकगायक दुनी चंद राठौर ने कार्यक्रम का आगाज गणेश वंदना से किया। कलाकार मोहित गर्ग और अरविंद्र डढवाल की प्रस्तुतियों पर खूब तालियां बजीं।
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उन्होंने नाम गुम जाएगा-चेहरा ये बदल जाएगा....गीत प्रस्तुत किया। थापा ने सोचता हूं कि वो कितने मासूम थे... क्या से क्या हो गया देखते-देखते, तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी, मेरे रस्के कमर, लाई भी नी गई ते निभाई भी नी गेई... गीत प्रस्तुत कर पंडाल में बैठे दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। इसके बाद पार्श्व गायिका शिल्पा सरोच ने मंच संभाला। उन्होंने कार्यक्रम का आगाज बोल दो न जरा... गीत से की। उन्होंने जुगनी जी... गीत की मनमोहक प्रस्तुति दी। उन्होंने कार्यक्रम में हिमाचली रंगों का समावेश करते हुए हिमाचली गीत माए नी मेरिए जम्मूए दी राहें चंबा कितनी के दूर... प्रस्तुत किया।
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सांस्कृतिक संध्या का आगाज उत्तम एंड चंपा की ओर से पारंपरिक मुसादा गायन की प्रस्तुति से हुआ। इसके बाद चंबा के कलाकार चिको सोनी, सनी और विजय कुमार ने गीतों की प्रस्तुति दी। चंबा के जग्गो राम ने मुसादा गायन की प्रस्तुति दी। बांसुरी वादक बंटी आर्य की बांसुरी की मधुर धुनों ने दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इसके उपरांत चंबा के सुल्ताना अख्तर, शिमला के कर्ण, चंबा के आशीष कुमार, प्रियंका कुमारी, हिना और रिया ठाकुर ने एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियां दीं। परीक्षा, दीप्ती और सलोनी ने समूह गीत की प्रस्तुति दी। तीसा के घिंद्र सिंह ने गीत प्रस्तुत किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। इसके बाद सननी खन्ना ने शायरी की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। तीसा की सीमा, योगराज, ज्योति, हंसराज सोनी, सलूणी के अमन वर्मा, प्रीति देवी, विनोद कुमार और प्रियंका ने गीतों की एक के बाद एक प्रस्तुतियां दीं। तीसा के तिलक ने रैप प्रस्तुत किया।
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सनातन धर्म नाटक मंडल चंबा के कलाकारों ने भी कार्यक्रम में प्रस्तुति दी। धारिका कौशल, अरमान, सिढकुंड डांस ग्रुप ने प्रस्तुति दी। अरमान, राहुल नेगी ने गीत, चंबा के मुस्कान और आकांक्षा, महक और ममता कुमारी ने नृत्य प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। श्याम दर्पण कला निकेतन चंबा के कलाकारों ने समूह नृत्य, शिमला के रिषभ सल्होत्रा, और मीना केशव म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों, तीसा के संजीव चुराही, भरमौर के नरोत्तम ने गीतों की झड़ी लगाकर वाहवाही लूटी। अजीत भट्ट एंड पार्टी ने पारंपरिक कुंजड़ी मल्हार की प्रस्तुति दी। हिमाचली लोकगायक दुनी चंद राठौर ने कार्यक्रम का आगाज गणेश वंदना से किया। कलाकार मोहित गर्ग और अरविंद्र डढवाल की प्रस्तुतियों पर खूब तालियां बजीं।