{"_id":"62bc87300c0a130b8e2d7502","slug":"amount-given-more-than-prescribed-on-mid-day-meal-chamba-news-sml413680124","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिड-डे मील पर निर्धारित से ज्यादा खर्च दी राशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिड-डे मील पर निर्धारित से ज्यादा खर्च दी राशि
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंबा। राजकीय उच्च पाठशाला कुठेड़ में मिडे-डे मील के लिए निर्धारित राशि से अधिक खर्च की जा रही है। अधिक राशि का इस्तेमाल गैस सिलिंडरों की खरीद के लिए किया जा रहा है। बुधवार को औचक निरीक्षण के लिए स्कूल पहुंची इंस्पेक्शन विंग चंबा की टीम ने यह खुलासा किया। टीम ने इस राशि की रिकवरी के आदेश दिए हैं और तुरंत मिड-डे मील के खाते में जमा करने को कहा है। इसके अलावा स्कूल के दो कमरों में बल्ब फ्यूज पाए गए जिस पर स्कूल में एलईडी बल्ब लगाने के निर्देश दिए। स्कूल में मल्टी मीडिया टीचिंग के लिए मिली एलईडी स्कूल क्लासरूम के बजाय स्टाफ रूम में पाई गई। इसे भी स्कूल के क्लास रूम में शिफ्ट करने के आदेश दिए गए। बुधवार को तैयार किए गए मिड-डे मील की गुणवत्ता भी निम्न स्तर की पाई गई।
इसके बाद टीम प्राइमरी स्कूल कुठेड़ पहुंची जहां 109 विद्यार्थियों को एक विद्यार्थी पढ़ा रहा था। इसके अलावा माध्यमिक और प्राथमिक स्कूल दिवानखाना में भी निरीक्षण किया गया। सभी स्कूल अध्यापकों को सप्ताह में दो बार कॉपियां चेक करने के निर्देश दिए गए। साथ ही गलतियां भी निकालने के लिए कहा गया। टीम में इंस्पेक्शन प्रिंसिपल विकास महाजन, सुमन कुमार मिन्हास, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कमल सिंह और मनी बहादुर मौजूद रहे। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुरेश कुमार ने कहा कि कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। यहां पढ़ाई को लेकर प्रबंधन को अपने स्तर पर ही व्यवस्था करनी पड़ रही है।
गौरतलब है कि सरकार की ओर से प्रति छात्र मिड-डे मील के लिए 7:45 के अनुपात में राशि निर्धारित की गई है। ऐसे में इस राशि से करीब तीन सौ से सात सौ रुपये ज्यादा पिछले तीन माह से खर्च किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके बाद टीम प्राइमरी स्कूल कुठेड़ पहुंची जहां 109 विद्यार्थियों को एक विद्यार्थी पढ़ा रहा था। इसके अलावा माध्यमिक और प्राथमिक स्कूल दिवानखाना में भी निरीक्षण किया गया। सभी स्कूल अध्यापकों को सप्ताह में दो बार कॉपियां चेक करने के निर्देश दिए गए। साथ ही गलतियां भी निकालने के लिए कहा गया। टीम में इंस्पेक्शन प्रिंसिपल विकास महाजन, सुमन कुमार मिन्हास, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कमल सिंह और मनी बहादुर मौजूद रहे। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुरेश कुमार ने कहा कि कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। यहां पढ़ाई को लेकर प्रबंधन को अपने स्तर पर ही व्यवस्था करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि सरकार की ओर से प्रति छात्र मिड-डे मील के लिए 7:45 के अनुपात में राशि निर्धारित की गई है। ऐसे में इस राशि से करीब तीन सौ से सात सौ रुपये ज्यादा पिछले तीन माह से खर्च किए जा रहे हैं।
विज्ञापन