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Chamba News: केंद्रीय बजट में दलितों की अनदेखी का आरोप
Thu, 08 Aug 2024 10:06 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 08 Aug 2024 10:06 PM IST
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चंबा उपायुक्त मुकेश रेस्वाल को केंद्रीय बजट में दलित समुदाय की उपेक्षा को लेकर ज्ञापन सोंपते अन
चंबा। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित विभिन्न संगठनों ने केंद्र सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया है। पदाधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय बजट में इन श्रेणियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
उन्होंने उपायुक्त मुकेश रेपसवाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। आंबेडकर मिशन सोसायटी चंबा के अध्यक्ष योगेश्वर अहीर ने कहा कि आज पूरे भारत में केंद्रीय मुख्य संस्थाओं के आह्वान पर राष्ट्रपति को संगठन के पदाधिकारी ज्ञापन भेज रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री की ओर से प्रस्तुत बजट में दलित समुदाय की अनदेखी की गई है। बजट में दलित समुदाय से जुड़ीं प्राथमिकताओं की उपेक्षा और दलितों के हितों से जुड़े मुद्दों का जिक्र न होना चिंताजनक है। यह वंचित वर्ग को और हाशिये पर धकेलने का प्रयास है। आजादी के 75 वर्ष बीतने के बाद भी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विकास विकास निधि कानून बनाया जाए। इस दौरान अनूप राही, जीतेश्वर सूर्या, धर्मपाल चंद्रा, जितेंद्र सूर्या, मनोहर लाल हितैषी, तिलक राज चंद्रा, चंपा अहीर, कार्तिक कुमार आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने उपायुक्त मुकेश रेपसवाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। आंबेडकर मिशन सोसायटी चंबा के अध्यक्ष योगेश्वर अहीर ने कहा कि आज पूरे भारत में केंद्रीय मुख्य संस्थाओं के आह्वान पर राष्ट्रपति को संगठन के पदाधिकारी ज्ञापन भेज रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री की ओर से प्रस्तुत बजट में दलित समुदाय की अनदेखी की गई है। बजट में दलित समुदाय से जुड़ीं प्राथमिकताओं की उपेक्षा और दलितों के हितों से जुड़े मुद्दों का जिक्र न होना चिंताजनक है। यह वंचित वर्ग को और हाशिये पर धकेलने का प्रयास है। आजादी के 75 वर्ष बीतने के बाद भी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विकास विकास निधि कानून बनाया जाए। इस दौरान अनूप राही, जीतेश्वर सूर्या, धर्मपाल चंद्रा, जितेंद्र सूर्या, मनोहर लाल हितैषी, तिलक राज चंद्रा, चंपा अहीर, कार्तिक कुमार आदि मौजूद रहे।
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