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Chamba News: जांच शुरू होने के बाद फूलने लगे कर्मचारियों के हाथ-पांव
Thu, 30 Nov 2023 10:33 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 30 Nov 2023 10:33 PM IST
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वन भूमि से उखाड़ी गयी कशमल जड़े।संवाद
चंबा। चुराह वन मंडल में टनों के हिसाब से वन भूमि से अवैध रूप से उखाड़ी गई कशमल जड़ मामले ने विभागीय कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है।
कर्मचारी होते हुए वन भूमि से कैसे कशमल की जड़ें अवैध रूप से उखाड़ ली गईं, इसको लेकर विभाग ने जांच बैठा दी है। इससे संबंधित बीटों में तैनात वन कर्मचारियों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। जांच के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वन भूमि से कशमल की जड़ें उखाड़ने में विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही रही है या नहीं। यदि लापरवाही सामने आती है तो इसकी गाज उन पर गिर सकती है। वन विभाग ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए कशमल की जड़ें उखाड़ने को लेकर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। जड़ी-बूटी निकालने के लिए दिए जाने वाले परमिट पर भी रोक लगा दी है। विभाग अब वन भूमि से उखाड़ी गई कशमल की जड़ों की पैमाइश करवा रहा है। इसके लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी को दो दिन का समय दिया गया है।
सनवाल पंचायत की वन भूमि में सबसे अधिक मात्रा में कशमल की जड़ें उखाड़ी गई हैं। इस क्षेत्र में वन रक्षक, वन खंड अधिकारी और वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी रहती है। वन मंडल अधिकारी चुराह को मुख्य वन अरण्यपाल ने मामले की जांच का जिम्मा सौंपा है। बुधवार को वन मंडलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था। उन्होंने वन परिक्षेत्र अधिकारी को दो दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
वनमंडल अधिकारी चुराह सुशील कुमार गुलेरिया ने बताया कि कशमल की जड़ें वन भूमि से अवैध रूप से कैसे उखाड़ी गईं, इसको लेकर विभाग ने जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इसमें विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही रही है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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कर्मचारी होते हुए वन भूमि से कैसे कशमल की जड़ें अवैध रूप से उखाड़ ली गईं, इसको लेकर विभाग ने जांच बैठा दी है। इससे संबंधित बीटों में तैनात वन कर्मचारियों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। जांच के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वन भूमि से कशमल की जड़ें उखाड़ने में विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही रही है या नहीं। यदि लापरवाही सामने आती है तो इसकी गाज उन पर गिर सकती है। वन विभाग ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए कशमल की जड़ें उखाड़ने को लेकर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। जड़ी-बूटी निकालने के लिए दिए जाने वाले परमिट पर भी रोक लगा दी है। विभाग अब वन भूमि से उखाड़ी गई कशमल की जड़ों की पैमाइश करवा रहा है। इसके लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी को दो दिन का समय दिया गया है।
सनवाल पंचायत की वन भूमि में सबसे अधिक मात्रा में कशमल की जड़ें उखाड़ी गई हैं। इस क्षेत्र में वन रक्षक, वन खंड अधिकारी और वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी रहती है। वन मंडल अधिकारी चुराह को मुख्य वन अरण्यपाल ने मामले की जांच का जिम्मा सौंपा है। बुधवार को वन मंडलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था। उन्होंने वन परिक्षेत्र अधिकारी को दो दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
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वनमंडल अधिकारी चुराह सुशील कुमार गुलेरिया ने बताया कि कशमल की जड़ें वन भूमि से अवैध रूप से कैसे उखाड़ी गईं, इसको लेकर विभाग ने जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इसमें विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही रही है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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