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Chamba News: आदित्य की मौत से उजड़ा परिवार का सपना, दो बहनों ने खोया इकलौता भाई
Sun, 11 Oct 2026 09:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 11 Oct 2026 09:41 PM IST
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दसवीं में पढ़ता था 16 वर्षीय किशोर, असमय मौत से मुगला मोहल्ले में पसरा मातम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिस बेटे के सहारे मां ने भविष्य के सपने संजोए थे और जिस भाई के साथ दो बहनों का बचपन बीत रहा था, उसकी असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
मुगला मोहल्ला निवासी 16 वर्षीय आदित्य की मौत से परिवार ही नहीं, पूरा क्षेत्र गमगीन है। दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले आदित्य की जिंदगी अचानक ऐसे मोड़ पर थम गई, जब उसके सामने भविष्य की लंबी राह थी।
आदित्य पुत्र गोविंद सात अक्तूबर को जुलाहकड़ी में अपने दोस्त से मिलने गया था। इसी दौरान पांव फिसलने से वह नीचे गिरकर बेहोश हो गया। गंभीर हालत में उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।
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आदित्य तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी मौत से मां ने अपना बेटा खो दिया, जबकि दोनों बहनों से भाई का साथ छिन गया। परिवार के लिए यह क्षति ऐसी है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। घर में पसरे मातम के बीच परिजनों का दुख देखकर हर किसी की आंखें नम हैं। मोहल्ले के लोग भी किशोर की मौत से स्तब्ध हैं। जिस उम्र में आदित्य को पढ़ाई पूरी कर जीवन में आगे बढ़ना था, उस उम्र में परिवार को उसकी यादों के सहारे रहना पड़ रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिस बेटे के सहारे मां ने भविष्य के सपने संजोए थे और जिस भाई के साथ दो बहनों का बचपन बीत रहा था, उसकी असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
मुगला मोहल्ला निवासी 16 वर्षीय आदित्य की मौत से परिवार ही नहीं, पूरा क्षेत्र गमगीन है। दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले आदित्य की जिंदगी अचानक ऐसे मोड़ पर थम गई, जब उसके सामने भविष्य की लंबी राह थी।
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आदित्य पुत्र गोविंद सात अक्तूबर को जुलाहकड़ी में अपने दोस्त से मिलने गया था। इसी दौरान पांव फिसलने से वह नीचे गिरकर बेहोश हो गया। गंभीर हालत में उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।
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आदित्य तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी मौत से मां ने अपना बेटा खो दिया, जबकि दोनों बहनों से भाई का साथ छिन गया। परिवार के लिए यह क्षति ऐसी है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। घर में पसरे मातम के बीच परिजनों का दुख देखकर हर किसी की आंखें नम हैं। मोहल्ले के लोग भी किशोर की मौत से स्तब्ध हैं। जिस उम्र में आदित्य को पढ़ाई पूरी कर जीवन में आगे बढ़ना था, उस उम्र में परिवार को उसकी यादों के सहारे रहना पड़ रहा है।