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Chamba News: चिट्टा बरामदगी के बाद संपत्ति पर कार्रवाई अटकी, कब्जे की आपत्ति ने बढ़ाई पेचीदगी
Sun, 04 Oct 2026 10:33 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 04 Oct 2026 10:33 PM IST
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जुलाई में मकान से चिट्टा, सोने-चांदी के गहने और नकदी हुई थी बरामद, तीन माह बाद भी संपत्ति सील नहीं
सुनवाई में आरोपी के भाई ने सरकारी भूमि पर कब्जों का मुद्दा उठाया, पटवारी-कानूनगो की रिपोर्ट पर जताई आपत्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चिट्टा बरामदगी के मामले में आरोपी की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई अब कानूनी पेचीदगियों में उलझती नजर आ रही है।
जुलाई में बालू स्थित एक मकान पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान चिट्टा, सोने-चांदी के गहने और हजारों रुपये की नकदी बरामद हुई थी। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद आरोपी की संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन करीब तीन माह बाद भी संपत्ति सील नहीं हो पाई है।
मामले में भू-राजस्व विभाग ने आरोपी के परिजनों की सरकारी भूमि पर कथित तौर पर बने व्यापारिक प्रतिष्ठान को लेकर भी प्रक्रिया शुरू की है। यह मामला तहसीलदार कार्यालय चंबा में कानूनी प्रक्रिया के स्तर पर है। शनिवार को हुई सुनवाई में आरोपी के भाई ने संबंधित प्रतिष्ठान पर कार्रवाई से पहले बालू में सरकारी भूमि पर अन्य लोगों के कथित कब्जों पर भी कार्रवाई करने की मांग रख दी। इससे मामले की कार्रवाई और पेचीदा हो गई है।
सुनवाई के दौरान आरोपी के भाई ने पटवारी और कानूनगो की ओर से तैयार मौके की रिपोर्ट पर भी आपत्ति जताई। उसका कहना था कि मौके की रिपोर्ट तैयार करते समय संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे। उसने रिपोर्ट को स्वीकार करने से इनकार किया।
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अब तहसीलदार ने मामले की अगली सुनवाई इसी सप्ताह तय की है। इसमें संबंधित पटवारी और कानूनगो को तलब कर मौके की रिपोर्ट के संबंध में जवाब लिया जाएगा।
जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की बैठकों में नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाते रहे हैं। ऐसे में बालू का यह मामला संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया की गति को लेकर भी चर्चा में है। लोगों का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़ी संदिग्ध संपत्तियों पर कार्रवाई केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहकर समयबद्ध तरीके से धरातल पर भी दिखनी चाहिए।
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तहसीलदार भूपेंद्र कश्यप ने बताया कि शनिवार को सुनवाई के दौरान आरोपी के भाई ने बालू में अन्य लोगों की ओर से सरकारी भूमि पर किए गए कथित अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई की मांग रखी। साथ ही दुकानों को लेकर पटवारी की ओर से दी गई रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए कहा गया कि मौके पर न तो पटवारी पहुंचा और न ही कानूनगो। इसी के चलते अब पटवारी और कानूनगो को जवाब के लिए बुलाया गया है। कहा कि इस मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सुनवाई में आरोपी के भाई ने सरकारी भूमि पर कब्जों का मुद्दा उठाया, पटवारी-कानूनगो की रिपोर्ट पर जताई आपत्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चिट्टा बरामदगी के मामले में आरोपी की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई अब कानूनी पेचीदगियों में उलझती नजर आ रही है।
जुलाई में बालू स्थित एक मकान पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान चिट्टा, सोने-चांदी के गहने और हजारों रुपये की नकदी बरामद हुई थी। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद आरोपी की संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन करीब तीन माह बाद भी संपत्ति सील नहीं हो पाई है।
मामले में भू-राजस्व विभाग ने आरोपी के परिजनों की सरकारी भूमि पर कथित तौर पर बने व्यापारिक प्रतिष्ठान को लेकर भी प्रक्रिया शुरू की है। यह मामला तहसीलदार कार्यालय चंबा में कानूनी प्रक्रिया के स्तर पर है। शनिवार को हुई सुनवाई में आरोपी के भाई ने संबंधित प्रतिष्ठान पर कार्रवाई से पहले बालू में सरकारी भूमि पर अन्य लोगों के कथित कब्जों पर भी कार्रवाई करने की मांग रख दी। इससे मामले की कार्रवाई और पेचीदा हो गई है।
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सुनवाई के दौरान आरोपी के भाई ने पटवारी और कानूनगो की ओर से तैयार मौके की रिपोर्ट पर भी आपत्ति जताई। उसका कहना था कि मौके की रिपोर्ट तैयार करते समय संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे। उसने रिपोर्ट को स्वीकार करने से इनकार किया।
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अब तहसीलदार ने मामले की अगली सुनवाई इसी सप्ताह तय की है। इसमें संबंधित पटवारी और कानूनगो को तलब कर मौके की रिपोर्ट के संबंध में जवाब लिया जाएगा।
जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की बैठकों में नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाते रहे हैं। ऐसे में बालू का यह मामला संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया की गति को लेकर भी चर्चा में है। लोगों का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़ी संदिग्ध संपत्तियों पर कार्रवाई केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहकर समयबद्ध तरीके से धरातल पर भी दिखनी चाहिए।
तहसीलदार भूपेंद्र कश्यप ने बताया कि शनिवार को सुनवाई के दौरान आरोपी के भाई ने बालू में अन्य लोगों की ओर से सरकारी भूमि पर किए गए कथित अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई की मांग रखी। साथ ही दुकानों को लेकर पटवारी की ओर से दी गई रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए कहा गया कि मौके पर न तो पटवारी पहुंचा और न ही कानूनगो। इसी के चलते अब पटवारी और कानूनगो को जवाब के लिए बुलाया गया है। कहा कि इस मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।