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Chamba News: ... दवा की कमी ने रोक दी इलाज की सांस

Mon, 15 Jun 2026 10:45 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Mon, 15 Jun 2026 10:45 PM IST
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... A shortage of medicine stifled the breath of treatment.
चंबा में टीबी उन्मूलन अभियान पर सवाल, मरीजों को नहीं मिल रही जरूरी पाइरिडोक्सिन दवा
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मरीजों का आरोप- कुछ जगह बाजार से दवाइयां खरीदने की दी जा रही है सलाह
जिले में सैकड़ों मरीजों की पहचान का दावा, उपचार के लिए दवाइयों का संकट
सुभाष कुमार अग्निहोत्री
चंबा। टीबी उन्मूलन के बड़े-बड़े दावों और सैकड़ों मरीजों की पहचान के सरकारी आंकड़ों के बीच जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था एक ऐसे विरोधाभास में खड़ी नजर आ रही है जहां बीमारी से लड़ने की जंग कागजों में तो मजबूत दिखती है लेकिन अस्पतालों की अलमारियों में जरूरी दवाइयों की कमी अभियान की सांसें कमजोर करती दिखाई दे रही है।
सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवा पाइरिडोक्सिन (विटामिन बी-6) टैबलेट की कमी है। जिन मरीजों को नियमित और निर्बाध उपचार की जरूरत है, उन्हें आवश्यक दवा उपलब्ध नहीं हो रही है। यह टैबलेट नसों के स्वास्थ्य, ऊर्जा स्तर और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए आवश्यक पोषक तत्व मानी जाती है।
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जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में टीबी मरीजों को निर्धारित दवाइयां नहीं मिल रही हैं। मरीजों का आरोप है कि कुछ जगह तो मरीजों को बाजार से दवाइयां खरीदने की सलाह दी जा रही है जबकि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी का उपचार और दवाइयां निशुल्क उपलब्ध करवाने का प्रावधान है।
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स्वास्थ्य विभाग जिले में टीबी रोगियों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाकर सैकड़ों मरीजों की पहचान करने का दावा करता है लेकिन जब चिह्नित मरीजों को समय पर दवाइयां ही उपलब्ध नहीं होंगी तो रोग नियंत्रण और उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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दवाई बीच में छोड़ने से बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि टीबी जैसी संक्रामक बीमारी के उपचार में दवाइयों की नियमित उपलब्धता आवश्यक है। दवा का कोर्स बीच में बाधित होने से मरीज में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता (ड्रग रेजिस्टेंस) विकसित होने की आशंका भी रहती है। सुरेश कश्मीरी, डॉ. डीके सोनी, केएल शर्मा और शादी लाल शर्मा ने कहा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग को सभी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध करवानी चाहिए।

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साल- मरीज
वर्ष 2023-1365 मरीज।
वर्ष 2024-1362 मरीज।
वर्ष 2025-1214 मरीज
वर्ष 2026 अब तक 631 मरीज।
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क्षय रोगियों को दी जाने वाली दवाइयों में से पाइरिडोक्सिन (विटामिन बी-6) टैबलेट की सप्लाई एक माह से नहीं पहुंची है। डिस्पेंसरी से मरीजों को विटामिन-बी-6 टैबलेट लेने का परामर्श दिया जा रहा है। - डॉ. जालम भारद्वाज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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