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Chamba News: बंद मुट्ठी की रेत और एक जोड़ी आंखें...से बांधा समां
Sun, 26 Oct 2025 10:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 26 Oct 2025 10:43 PM IST
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चंबा। महिला साहित्यकार संस्था ने ‘नारी मन की संवेदना’ शृंखला के तहत छठे भाग के कार्यक्रम का वर्चुअल आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं साहित्यकार डॉ. स्वर्ण अनिल रहीं। उन्होंने प्रमुख कृतियों में बंद मुट्ठी की रेत, सात बहनों की लोक कथाएं, एक जोड़ी आंखें और सफर सुहाना स्वच्छता का आदि को लेकर व्याख्यान दिया और समां बांध दिया। साथ ही अपने जीवन के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था की प्रांत अध्यक्ष डॉ. रीता सिंह ने की। इस दौरान डॉ. स्वर्ण अनिल ने कहा कि मातृशक्ति अपने दृढ़ संकल्प और कलम की शक्ति से समाज का स्वरूप बदल सकती है।
वहीं, विशिष्ट आमंत्रित वक्ता के रूप में कांगड़ा की प्रसिद्ध लेखिका शाकंभरी देवी ने अपने जीवन संघर्ष को साझा करते हुए प्रतिभागियों को प्रेरक संदेश दिया। संस्था की प्रांत अध्यक्ष डॉ. रीता सिंह ने सभी वक्ताओं के विचारों का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि महिलाएं पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ समाज की प्रगति और लोक संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पारिवारिक मूल्यों के संवर्धन तथा नई पीढ़ी को संस्कारित करने में महिला सशक्त हस्ताक्षर हैं। इस अवसर पर डॉ. कविता बिजलवान ने अवगत कराया कि शृंखला के समस्त चरण पूर्ण होने के उपरांत सभी वक्ताओं के जीवन चरित्र और उनके संघर्षों को संकलित करते हुए एक पुस्तक महिला साहित्यकार संस्था प्रकाशित की जाएगी।
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वहीं, विशिष्ट आमंत्रित वक्ता के रूप में कांगड़ा की प्रसिद्ध लेखिका शाकंभरी देवी ने अपने जीवन संघर्ष को साझा करते हुए प्रतिभागियों को प्रेरक संदेश दिया। संस्था की प्रांत अध्यक्ष डॉ. रीता सिंह ने सभी वक्ताओं के विचारों का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि महिलाएं पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ समाज की प्रगति और लोक संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पारिवारिक मूल्यों के संवर्धन तथा नई पीढ़ी को संस्कारित करने में महिला सशक्त हस्ताक्षर हैं। इस अवसर पर डॉ. कविता बिजलवान ने अवगत कराया कि शृंखला के समस्त चरण पूर्ण होने के उपरांत सभी वक्ताओं के जीवन चरित्र और उनके संघर्षों को संकलित करते हुए एक पुस्तक महिला साहित्यकार संस्था प्रकाशित की जाएगी।
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