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चुवाड़ी से टांडा शिफ्ट की मशीन
Chamba
Updated Thu, 16 Oct 2014 05:32 AM IST
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चुवाड़ी (चंबा)। चुवाड़ी सिविल अस्पताल के लिए स्वीकृति टेलीमेडिसन मशीन को स्वास्थ्य विभाग ने गुपचुप तरीके से टांडा अस्पताल शिफ्ट कर दिया है। यह मामला वर्ष 2010 का है। इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी क्षेत्र के लोगों को इसकी जानकारी तक नहीं मिली और न ही इस सुविधा के बारे में कोई पता चल पाया। वर्ष 2007 में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा को लेकर सरकार ने पायलट बेस पर शुरू की गई टेलीमेडिशन योजना के तहत चुवाड़ी अस्पातल के लिए लाखों रुपये की मशीन स्वीकृत की थी। यह मशीन अस्पताल में पहुंच चुकी थी। करीब तीन साल तक मशीन कमरे में पड़ी रही, लेकिन इसका उपयोग नहीं किया गया। विभागीय लापरवाही के चलते वर्ष 2010 में इसे चुवाड़ी से टांडा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। उस समय इस प्रकार की सुविधा जिले के तीन अस्पतालों के लिए उपलब्ध करवाई गई थी। मौजूदा समय में जिला अस्पताल व तीसा में तो यह सुविधा उपलब्ध है, लेकिन चुवाड़ी अस्पताल से इसे शिफ्ट कर दिया गया। अब टेलीमेडिसन मशीन टांडा शिफ्ट होने से लोगों को इस सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है।
अधिकारी का तर्क
सीएमओ डा. अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि उस दौरान यह प्रोजेक्ट पायलट बेस पर शुरू किया गया था, लेकिन इसके परिणाम उचित न आने से इसे टांडा शिफ्ट कर दिया था। उन्होंने कहा कि दोबारा चुवाड़ी अस्पताल में इस प्रकार की सुविधा शुरू करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मशीन का यह काम
गंभीर मरीजों के इलाज के लिए इस मशीन की सहायता से वीडियो कान्फ्रें सिंग के माध्यम से संबंधित अस्पताल चिकित्सक व अन्य बड़े स्वास्थ्य संस्थानों जैसे आईजीएमसी, टांडा व एम्स से संपर्क कर सकते हैं और इलाज के संदर्भ में विशेषज्ञों की राय ले सकते हैं।
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अधिकारी का तर्क
सीएमओ डा. अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि उस दौरान यह प्रोजेक्ट पायलट बेस पर शुरू किया गया था, लेकिन इसके परिणाम उचित न आने से इसे टांडा शिफ्ट कर दिया था। उन्होंने कहा कि दोबारा चुवाड़ी अस्पताल में इस प्रकार की सुविधा शुरू करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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मशीन का यह काम
गंभीर मरीजों के इलाज के लिए इस मशीन की सहायता से वीडियो कान्फ्रें सिंग के माध्यम से संबंधित अस्पताल चिकित्सक व अन्य बड़े स्वास्थ्य संस्थानों जैसे आईजीएमसी, टांडा व एम्स से संपर्क कर सकते हैं और इलाज के संदर्भ में विशेषज्ञों की राय ले सकते हैं।
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