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पंजाब की तर्ज पर मांगा वेतन
Chamba
Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
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चंबा। आल हिमाचल राजकीय/अर्धराजकीय चालक एवं परिचालक संघ के सम्मेलन में सरकारी वाहनों के दुरुपयोग का मुद्दा छाया रहा। संघ के पदाधिकारियों ने इस मामले पर एक कमेटी का गठन कर सरकार को वास्तविकता से अवगत करवाने का निर्णय लिया है। साथ ही मांग की गई है कि छुट्टी वाले दिन सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल करते समय अधिकारी चालक को ड्यूटी स्लिप जारी करे। शनिवार को संघ का सम्मेलन शुरू होने से पहले प्रदेशाध्यक्ष शांति स्वरूप को सिक्कों से तोला गया। इसके अलावा सम्मेलन के बाद एक रैली भी निकाली गई।
संघ के सम्मेलन में विभिन्न मांगों पर चरचा की गई। प्रदेशाध्यक्ष शांति स्वरूप ने कहा कि संघ प्रदेश सरकार के साथ है। उन्होंने प्रदेश सरकार से बीस साल के बाद विशेष वेतनवृद्धि देने और लोक निर्माण विभाग में विभिन्न श्रेणियों से पदोन्नत कर लगभग 600 चालकों की तैनाती करने के निर्णयों का स्वागत किया गया। उन्होंने विभिन्न विभागों में किराये पर लगाई गई टैक्सी की प्रथा को बंद करने की मांग की है। उन्होंने प्रदेश सरकार से राजकीय/अर्धराजकीय चालकों और परिचालकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग भी की। इन मांगों में पीडब्ल्यूडी की तर्ज पर अन्य विभागों में रिक्त पड़े चालकों के पदों को विभिन्न श्रेणियों से पदोन्नति के जरिये भरने, सचिवालय की स्पेशल पे चालकों को देने, पंजाब की तर्ज पर वेतनमान देने, विभागीय वाहनों की बीमा योजना लागू करने और विभागीय चालकों को टेक्निकल घोषित करने की मांग शामिल है। सम्मेलन में लंबे समय से बंद पड़ी वर्कशापों को शुरू करने की भी मांग की गई। उन्होंने तीसा उपमंडल में पीब्ल्यूडी की बंद पड़ी वर्कशाप को खोलने और पांगी और किलाड़ में खराब पड़े डोजर और अर्धचलित मशीनरी को ठीक करवाने की मांग की है। जिला अध्यक्ष महान सिंह चौहान ने कहा कि अपनी मशीनरी खराब होने के कारण विभाग को किराये पर मशीनरी लानी पड़ रही है। इस अवसर पर संघ की प्रदेश इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कंवर पदम सिंह, महासचिव सूरज ठाकुर, उत्तरी भारत के महासचिव एवं प्रदेश के मुख्य सलाहकार कुलजीत राणा, कोषाध्यक्ष रोशन राजटा, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष सतपाल ठाकुर ने भी अपने विचार रखे। सम्मेलन में जिले की सभी यूनिटों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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संघ के सम्मेलन में विभिन्न मांगों पर चरचा की गई। प्रदेशाध्यक्ष शांति स्वरूप ने कहा कि संघ प्रदेश सरकार के साथ है। उन्होंने प्रदेश सरकार से बीस साल के बाद विशेष वेतनवृद्धि देने और लोक निर्माण विभाग में विभिन्न श्रेणियों से पदोन्नत कर लगभग 600 चालकों की तैनाती करने के निर्णयों का स्वागत किया गया। उन्होंने विभिन्न विभागों में किराये पर लगाई गई टैक्सी की प्रथा को बंद करने की मांग की है। उन्होंने प्रदेश सरकार से राजकीय/अर्धराजकीय चालकों और परिचालकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग भी की। इन मांगों में पीडब्ल्यूडी की तर्ज पर अन्य विभागों में रिक्त पड़े चालकों के पदों को विभिन्न श्रेणियों से पदोन्नति के जरिये भरने, सचिवालय की स्पेशल पे चालकों को देने, पंजाब की तर्ज पर वेतनमान देने, विभागीय वाहनों की बीमा योजना लागू करने और विभागीय चालकों को टेक्निकल घोषित करने की मांग शामिल है। सम्मेलन में लंबे समय से बंद पड़ी वर्कशापों को शुरू करने की भी मांग की गई। उन्होंने तीसा उपमंडल में पीब्ल्यूडी की बंद पड़ी वर्कशाप को खोलने और पांगी और किलाड़ में खराब पड़े डोजर और अर्धचलित मशीनरी को ठीक करवाने की मांग की है। जिला अध्यक्ष महान सिंह चौहान ने कहा कि अपनी मशीनरी खराब होने के कारण विभाग को किराये पर मशीनरी लानी पड़ रही है। इस अवसर पर संघ की प्रदेश इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कंवर पदम सिंह, महासचिव सूरज ठाकुर, उत्तरी भारत के महासचिव एवं प्रदेश के मुख्य सलाहकार कुलजीत राणा, कोषाध्यक्ष रोशन राजटा, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष सतपाल ठाकुर ने भी अपने विचार रखे। सम्मेलन में जिले की सभी यूनिटों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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