जेबीटी पदों पर नियमित हों ग्रामीण विद्या उपासक

Chamba Updated Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST

चंबा। ग्रामीण विद्या उपासक अध्यापक संघ ने अध्यापकों को एकमुश्त जेबीटी का प्रशिक्षण प्रदान कर नियमित करने की मांग की है। इस संबंध में संघ ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को मांग पत्र भेजा है। संघ के राज्य प्रधान देवपाल सिंह बलौरिया ने कहा कि अध्यापकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग में 2001 से 2004 के बीच हुई है। अब अध्यापक आठ वर्ष का सेवाकाल पूरा कर चुके हैं। उन्हाेंने कहा कि अध्यापकों की नियुक्ति ग्रामीण विद्या उपासक नीति के तहत हुई है। ग्रामीण विद्या उपासक पद पर तबदील किया गया है। सरकार ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ ग्रामीण विद्या उपासक बनाया था। उन्हाेंने कहा कि प्रदेश मंत्रिमंडल ने जमा दो पास और ईजीएस अनुदेशक के रूप में चार वर्ष का सेवाकाल पूरा करने वाले को ग्रामीण विद्या उपासक बनाने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि विद्या उपासक जेबीटी के पदों पर 80 से 100 किलोमीटर दूर कमरा किराये पर लेकर काम कर रहे हैं। इन अध्यापकाें को 3500 रुपये मानेदय दिया जा रहा है, इससे उन्हें घर चलाना मुश्किल हो गया है। उन्हाेंने मांग की है कि इन अध्यापकों को शीघ्र जेबीटी पद पर नियमित किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर उनके साथ न्याय नहीं होता है तो वे शिमला सचिवालय में धरना देंगे।

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