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तरेला-मंगली मार्ग पर छह दिनों से बाधित, गांवों में राशन कोटा खत्म
Updated Tue, 17 Jul 2018 10:45 PM IST
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landslide
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ब्यूरो
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तीसा (चंबा)। तरेला-मंगली मार्ग में भूस्खलन होने से पिछले छह दिनों से बाधित है। इस वजह से क्षेत्र के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छह दिन पहले भारी बारिश के चलते तरेला नाले में भूस्खलन हो गया। भूस्खलन होने से बड़ी-बड़ी चट्टानें और मलबा सड़क आ गया गया। इससे सड़क का बड़ा हिस्सा मलबे और चट्टानों के नीचे दब गया। इसकी वजह से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है। लोनिवि मार्ग को बहाल करने में असमर्थ है।
जब भी विभाग की मशीनरी मार्ग को बहाल करने के लिए लगती है, तो दोबारा भूस्खलन शुरू हो जाता है। इसकी वजह से उन्हें कार्य बंद करना पड़ता है। मार्ग बंद होने से ग्राम पंचायत मंगली और बोंदेड़ी के राशन को कोटा भी पंचायतों में नहीं पहुंच पाया है। डिपुओं में राशन का कोटा खत्म हो चुका है। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई है। बोंदेड़ी के प्रधान जसवंत सिंह ग्रामीण चेतराम, हंसराज, टेक चंद, रवि कुमार, सुरेंद्र, अजय कुमार, नरेंद्र और अशोक कुमार ने बताया कि उपरोक्त मार्ग बंद होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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किसान खेतों में मटर की बिजाई करने के लिए तीसा से मटर का बीज नहीं ला पा रहे हैं। कुछ दिनों बाद सेब का सीजन भी शुरू हो जाएगा। ऐसे में अगर मार्ग बहाल नहीं हुआ तो बागवानों को सेब की फसल मंडियों तक पहुंचाने में भारी परेशानी होगी। इससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। चुराह में बागवानों की सहूलियत के लिए अभी तक कोल्ड स्टोर की व्यवस्था नहीं है। इस वजह से बागवानों को सेब की फसल पेड़ से उतारकर सीधे मंडी तक पहुंचानी पड़ती है। अगर मार्ग बहाल नहीं हो पाया तो सेब खराब होने की चिंता बागवानों को सता रही है।
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भंजराडू-सनवाल मार्ग नौ घंटे रहा अवरुद्ध
भंजराडू-सनवाल मार्ग भी सेई कोठी स्कूल के पास भूस्खलन होने से नौ घंटे बाधित रहा। सोमवार रात एक बजे स्कूल के पास भूस्खलन हो गया। इसकी वजह से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। मंगलवार सुबह लोनिवि ने मार्ग को बहाल करवाया। इसके बाद सुबह नौ बजे वाहनों की आवाजाही बहाल हो पाई।
बार-बार चट्टानें गिरने से नहीं हो रहा मार्ग बहाल : हर्ष पुरी
अधिशाषी अभियंता हर्ष पुरी ने बताया कि भूस्खलन से बंद हुए मार्ग को बहाल करने का कार्य प्रगति पर है। मगर बार-बार होने चट्टानें गिरने की वजह से मार्ग बहाल नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन रुकते ही मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा।