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गर्मियों से पहले ही ग्रामीण क्षेत्रों में गहराया पेयजल संकट

Sun, 01 Apr 2018 10:11 PM IST
Updated Sun, 01 Apr 2018 10:11 PM IST
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गर्मियों से पहले ही ग्रामीण क्षेत्रों में गहराया पेयजल संकट
water - फोटो : demo pics

अमर उजाला ब्यूरो

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चंबा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट अभी से गहराने लगा है। इस वजह से कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कई किलोमीटर दूर पेयजल स्रोतों और नालों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। हालत यह है कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में कई दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित है। इस वजह से ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूलों में भी पेयजल किल्लत चल रही है। इस वजह से बच्चों को बोतलों से भरकर पानी लाना पड़ रहा है वहीं स्कूलों में दोपहर का खाना बनाने में भी दिक्कतें आ रही है। वहीं लोगों का कहना है कि गर्मियां शुरू होने से पहले ही यह हालत है तो आने वाले समय में पेयजल किल्लत और गहरा सकती है।

गौरतलब हो कि चंबा शहर के अधीन 11 वार्डों को छोड़ कर तीसा सेक्टर, सुंडला क्षेत्र, बनीखेत, पुखरी और सिढकुंड़ क्षेत्र के गांवों में पानी की समस्या विकराल रूप धारण हो गई हैं। तीसा उपमंडल के अधीन आने वाली ग्राम पंचायत कुठेड़ बुदौड़ा के गांव जुआरी में एक माह से पानी नहीं आ रहा है। गांव के लिए बिछाई गई पेयजल लाइन के कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो गई है। पानी की आपूर्ति न होने की सूरत में ग्रामीण गाड़ियों के माध्यम से पानी भर-भर कर घरों तक ला रहे हैं। ग्राम पंचायत देहग्रां के गांव हड़सर में पानी की सप्लाई बीते चार दिनों से बाधित है।
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ग्राम पंचायत ठाकरी मट्टी के गांव गरेल, थोलुआ, जन्ना, बासा और लचोड़ी में पानी की नियमित सप्लाई नहीं आ रही है। यह समस्या गांवों में बीते कई दिनों से चली आ रही हैं। ग्राम पंचायत पुखरी के धांरूई में पेयजल की आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। बनीखेत में एक दिन छोड़ कर विभाग पानी की सप्लाई दी जा रही है। इसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है। वहीं, सिढकुंड़ पंचायत के अधीन आते घरग्रां में पानी की आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों की दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
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प्रबुद्घ नागरिक परस राम, मान सिंह, देवी सिंह, चतर सिंह, किशोरी लाल, रूप सिंह, लोभी राम, रमेश कुमार, योगराज, प्रताप चंद, अंबिया राम, किशन चंद, दलीप कुमार, प्रमेश कुमार, राकेश कुमार और संजीव कुमार का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी से ही पेयजल संकट गहराता जा रहा है। विभागीय अधिकारियों को पानी की समस्या का समाधान करवाने के लिए तत्पर रहना चाहिए। इससे पेयजल उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

शहर में है पानी की पर्याप्त उपलब्धता
चंबा शहर के अधीन आने वाले 11 वार्डों में पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। शहर के 11 पानी के भंडारण टैंक बनाए गए हैं। यह टैंक पानी से हर समय भरे रहते हैं। ब्रजेश्वरी माता मंदिर सरोथा के साथ ही 16.50 हजार लीटर क्षमता, 4.50 लाख लीटर क्षमता, 50 हजार लीटर क्षमता, 3 लाख लीटर क्षमता के भंडारण टैंक हैं। इसके अलावा चामुंडा देवी मंदिर के साथ ही 4.50 लाख लीटर, मिंडा में 8 लाख लीटर, सूही मढ़ के साथ ही 7.50 लाख लीटर क्षमता का भंडारण टैंक हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज चंबा के साथ ही एक लाख लीटर क्षमता का भंडारण टैंक हैं। शहर में प्रति दिन 60 लाख लीटर पानी की जरूरत रहती है। वहीं आईपीएच विभाग 80 हजार लीटर पानी लोगों को मुहैया करवाया जा रहा है।


आईपीएच विभाग के अधीक्षण अभियंता रमेश कुमार वर्मा ने बताया कि गर्मियों में पेयजल की किल्लत पेश न हो इसके लिए विभाग ने अपने स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। कुछ क्षेत्रों में पानी की किल्लत संबंधी पेश आने वाली है, जिसका समाधान करवाया जा रहा है।

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