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नप डलहौजी के 62 कर्मचारियों को तीन माह से नहीं मिला वेतन
Updated Fri, 06 Apr 2018 11:19 PM IST
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- फोटो : demo pics
अमर उजाला ब्यूरो
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डलहौजी (चंबा)। नगर परिषद डलहौजी के कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। इसकी वजह से कर्मचारियों को अपने घर का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। बिना वेतन काम करते हुए कर्मचारियों को चौथा महीना शुरू हो गया है। कर्मचारियों को मजबूरी में दुकान में उधार में राशन लेकर घर चलाना पड़ रहा है। जल्द ही उन्हें वेतन नहीं मिला तो घर का खर्च चलाने में कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। 62 कर्मचारियों का तीन महीने का वेतन जोड़कर 20 लाख से ज्यादा बनता है।
कर्मचारियों को बच्चों की स्कूल फीस, रोज घर का खर्चा, कहां से चलाएं इस परेशानी में नींद नहीं आ रही है। मगर नगर परिषद के ऊंचे ओहदों पर बैठे अधिकारी कर्मचारियों की चिंता छोड़ राजनीति करने में ही व्यस्त हैं। यह अधिकारी पैसे न होने की बात कहते हुए कर्मचारियों की तनख्वाह तक के लिए पैसे न होने और विकासात्मक कार्य प्रभावित होने का रोना रो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ देखा जाए तो नगर परिषद डलहौजी किराये और टैक्स के नाम पर लोगों से लगभग डेढ़ करोड़ रुपए सरकारी पैसे लेने में असहाय नजर आती है।
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डलहौजी नगर परिषद के अंतर्गत डलहौजी में दुकानों के किराये और हाउस टैक्स के नाम पर लोग डेढ़ करोड़ से भी ज्यादा राशि पर कुंडली मार कर बैठे हैं। अगर नगर परिषद् सिलसिले बार इस सरकारी पैसे की उगाही करती रहती तो कर्मचारियों के लिए तनख्वाह के लाले न पड़ते। इसके साथ ही पर्यटन नगरी डलहौजी में विकास कार्य भी प्रभावित न होते। डलहौजी का विकास वोटों की राजनीति पर अटका है। डलहौजी में कई प्रभावशाली लोग सालों से सरकारी किराये और हाउस टैक्स पर कुंडली जमाए बैठे हैं ।
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जानकारी के नगप परिषद किराये के नाम पर डलहौजी में 86 लाख 12 हजार 884 रुपए बकाया है। वहीं हाउस टेक्स के नाम पर 72 लाख 18 हजार 317 रुपए की अभी तक वसूली नहीं की गई है। यह सरकारी पैसा कई वर्षों से लोगों ने जमा नहीं करवाया है। वहीं, नगर परिषद ने कुछ मामले कोर्ट तक भी पहुंचाए है। नगर परिषद् अगर इस सरकारी पैसे पर कुंडली जमाए लोगों से यह पैसा वसूलती तो कर्मचारियों को समय पर वेतन भी मिलता और यहां विकास कार्य भी प्रभावित नहीं होते।
बजट होते ही कर्मचारियों को दिया जाएगा वेतन : राखी कौशल
नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल ने माना कि पिछले तीन महीनों से नगर परिषद के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। नगर परिषद को दुकानों के किराये और हाउस टैक्स से डेढ़ करोड़ से ज्यादा रुपए वसूलने हैं और इसके लिए नोटिस दिए गए हैं।