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एकीकृत खेती पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन
Updated Sun, 25 Mar 2018 09:55 PM IST
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किसानों को वैज्ञानिक खेती के बारे में किया जागरूक
शिविर में किसानों और बागवानों को प्रदान की जानकारियां
अमर उजाला ब्यूरो
खज्जियार (चंबा)। कृषि विज्ञान केंद्र में दो दिवसीय एकीकृत खेती पर आधारित प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में खज्जियार क्षेत्र के बीस किसानों व बागवानों ने भाग लिया। इस शिविर का मकसद एकीकृत खेती के माध्यम से किसानों व बागवानों की आय में बढ़ोतरी करना है। यह शिविर वन्य प्राणी मंडल चंबा के तत्वाधान में हुआ। शिविर में वैज्ञानिक डॉ. केहर सिंह ठाकुर ने किसानों व बागवानों को जागरूक किया। शिविर के दौरान प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राजीव रैणा ने फसलों में होने वाली विभिन्न बीमारियों की रोकथाम के बारे में जानकारी प्रदान की। वैज्ञानिक डॉ. संतोष कुुमारी ने सब्जियों को वैज्ञानिक तरीके से कैसे उगाया जा सकता है, के बारे में प्रशिक्षण दिया। इस उत्पादन को दोगुना कैसे किया जा सकता है, के बारे भी जागरूक किया। शिविर में डॉ. केहर सिंह ने किसानों को सुगंधित एवं औषधीय पौधो को खेतों में वैज्ञानिक तरीके से उगाने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ किसानों ने औषधीय पौधों को उगाने की इच्छा जाहिर की है। इन किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र की तरफ से औषधीय पौधे एवं बीज उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके अलावा किसानों को उत्तम किस्म का चारा उगाने के लिए भी प्रशिक्षित किया गया। शिविर में डॉ. रेणू कपूर ने किसानों और बागवानों को मृदा की महत्ता के बारे बताया और इसका नमूना लेकर जांच की विधि भी बताई। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए जाएंगे।
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शिविर में किसानों और बागवानों को प्रदान की जानकारियां
अमर उजाला ब्यूरो
खज्जियार (चंबा)। कृषि विज्ञान केंद्र में दो दिवसीय एकीकृत खेती पर आधारित प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में खज्जियार क्षेत्र के बीस किसानों व बागवानों ने भाग लिया। इस शिविर का मकसद एकीकृत खेती के माध्यम से किसानों व बागवानों की आय में बढ़ोतरी करना है। यह शिविर वन्य प्राणी मंडल चंबा के तत्वाधान में हुआ। शिविर में वैज्ञानिक डॉ. केहर सिंह ठाकुर ने किसानों व बागवानों को जागरूक किया। शिविर के दौरान प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राजीव रैणा ने फसलों में होने वाली विभिन्न बीमारियों की रोकथाम के बारे में जानकारी प्रदान की। वैज्ञानिक डॉ. संतोष कुुमारी ने सब्जियों को वैज्ञानिक तरीके से कैसे उगाया जा सकता है, के बारे में प्रशिक्षण दिया। इस उत्पादन को दोगुना कैसे किया जा सकता है, के बारे भी जागरूक किया। शिविर में डॉ. केहर सिंह ने किसानों को सुगंधित एवं औषधीय पौधो को खेतों में वैज्ञानिक तरीके से उगाने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ किसानों ने औषधीय पौधों को उगाने की इच्छा जाहिर की है। इन किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र की तरफ से औषधीय पौधे एवं बीज उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके अलावा किसानों को उत्तम किस्म का चारा उगाने के लिए भी प्रशिक्षित किया गया। शिविर में डॉ. रेणू कपूर ने किसानों और बागवानों को मृदा की महत्ता के बारे बताया और इसका नमूना लेकर जांच की विधि भी बताई। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए जाएंगे।