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आउट सोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाए सरकार
Updated Sun, 21 Jan 2018 10:41 PM IST
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protest shimla
- फोटो : demo pic
अमर उजाला ब्यूरो
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चंबा। हिमाचल प्रदेश आउट सोर्स कर्मचारी संघ इकाई जिला चंबा की बैठक रविवार को जिला मुख्यालय में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता संघ के उपप्रधान ललित शर्मा ने की। बैठक में संघ की विभिन्न समस्याओं के बारे में चर्चा की गई। साथ ही आगामी रणनीति तैयार की गई। बैठक के दौरान सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने सुझाव दिए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपप्रधान ललित शर्मा ने बताया कि आउट सोर्स कर्मचारी पिछले आठ से दस साल से विभिन्न विभागों के कार्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। इन्हें काफी कम वेतन दिया जा रहा है। सरकार ने वर्तमान में पांच से छह हजार रुपये वेतन की अदायगी की जा रही है। इतने कम वेतन में आउट सोर्स कर्मचारियों के लिए परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। संघ का कहना है कि पिछले दस सालों से ईमानदारी से ड्यूटी का निर्वहन करने पर भी कर्मचारियों को बाहर निकाला जा रहा है। उपप्रधान ने बताया कि प्रदेश भर में 2200 के करीब आउट सोर्स कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत है। मगर अभी तक उनका भविष्य अधर में है। संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि आउट सोर्स कर्मियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रयास किए जाएं। बैठक में 22 जनवरी को चंबा आ रहे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के दौरे को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में फैसला लिया गया कि संघ का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री से मिलेगा और समस्याओं के बारे में उन्हें अवगत करवाएगा। बैठक में गुरदीप सिंह, संजीव कुमार, पवन कुमार, ललित कुमार और तुनेश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।