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प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटे में बदलाव पर विज्ञान अध्यापक संघ ने जताया रोष
Updated Mon, 26 Nov 2018 10:07 PM IST
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प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटे में बदलाव पर संघ ने जताया रोष
कहा, बदलाव होने से प्रदेश के 25000 टीजीटी कैडर से जुड़े अध्यापकों को होगा नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ चंबा की आपातकालीन बैठक सोमवार को जिला मुख्यालय चंबा में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता संघ के प्रधान राजीव राठौर ने की। संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटे में बदलाव को लेकर दिए आश्वासन पर कड़ा विरोध जताया है। मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन शिक्षक वर्ग के सम्मेलन में दिया। राजीव राठौर ने बताया कि पहले प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटा मुख्याध्यापक के पक्ष में 60:40 था। इसे पहले ही गलत तथ्यों के आधार पर 50:50 किया जा चुुका है। मगर इस बार अगर सरकार ने प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटे में किसी तरह का बदलाव किया, तो उनका संघ चुप नहीं बैठेगा। इसको लेकर आवाज बुलंद की जाएगी। उन्होंने कहा कि संघ अपने वर्ग के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि एक अध्यापक वर्ग के संगठन ने गलत आंकड़े पेश कर सरकार को गुमराह किया जा रहा है। यह पदोन्नति कोटा केवल 850 मुख्याध्यापकों का नहीं बल्कि 25000 टीजीटी कैडर से जुड़े अध्यापकों का है। जो 25 से 27 वर्ष के सेवाकाल के बाद मुख्याध्यापक बन पाते हैं। इसमें टीजीटी विज्ञान, टीजीटी कला, पदोन्नत प्रवक्ता और मुख्याध्यापकों के संयुक्त हित जुड़े हैं। संघ ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री इस बारे में गंभीरता से विचार करने के बाद ही न्यायसंगत फैसला लेंगे। इस बैठक में अश्वनी मेहता, अभिमन्यु ठाकुर, चमन लाल, आशीष ठाकुर, सुमन सिंह बिजलवान, विनोद ठाकुर, तिलक सिंह, शेर सिंह सहित अन्य विज्ञान अध्यापकों ने भाग लिया।
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कहा, बदलाव होने से प्रदेश के 25000 टीजीटी कैडर से जुड़े अध्यापकों को होगा नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ चंबा की आपातकालीन बैठक सोमवार को जिला मुख्यालय चंबा में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता संघ के प्रधान राजीव राठौर ने की। संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटे में बदलाव को लेकर दिए आश्वासन पर कड़ा विरोध जताया है। मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन शिक्षक वर्ग के सम्मेलन में दिया। राजीव राठौर ने बताया कि पहले प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटा मुख्याध्यापक के पक्ष में 60:40 था। इसे पहले ही गलत तथ्यों के आधार पर 50:50 किया जा चुुका है। मगर इस बार अगर सरकार ने प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटे में किसी तरह का बदलाव किया, तो उनका संघ चुप नहीं बैठेगा। इसको लेकर आवाज बुलंद की जाएगी। उन्होंने कहा कि संघ अपने वर्ग के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि एक अध्यापक वर्ग के संगठन ने गलत आंकड़े पेश कर सरकार को गुमराह किया जा रहा है। यह पदोन्नति कोटा केवल 850 मुख्याध्यापकों का नहीं बल्कि 25000 टीजीटी कैडर से जुड़े अध्यापकों का है। जो 25 से 27 वर्ष के सेवाकाल के बाद मुख्याध्यापक बन पाते हैं। इसमें टीजीटी विज्ञान, टीजीटी कला, पदोन्नत प्रवक्ता और मुख्याध्यापकों के संयुक्त हित जुड़े हैं। संघ ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री इस बारे में गंभीरता से विचार करने के बाद ही न्यायसंगत फैसला लेंगे। इस बैठक में अश्वनी मेहता, अभिमन्यु ठाकुर, चमन लाल, आशीष ठाकुर, सुमन सिंह बिजलवान, विनोद ठाकुर, तिलक सिंह, शेर सिंह सहित अन्य विज्ञान अध्यापकों ने भाग लिया।