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जिले में 17 एंबुलेंस वाहनों में दस खराब, मरीज परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने वाली 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं बुरी तरह से चरमरा गई हैं। हालत यह है कि जिले में चलने वाली 17 एंबुलेंस में दस एंबुलेंस सड़कों के किनारे खराब पड़ी हैं। इसके बावजूद इन्हें ठीक करवाने में कंपनी कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। इस कारण मरीजों को एंबुलेंस सेवा का लाभ लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के मुताबिक चंबा मेडिकल कॉलेज के अधीन चार 108 एंबुलेंस वाहन लंबे समय से खराब पड़े हैं। इन एंबुलेंस के स्थान पर कंपनी ने 102 एंबुलेंस चला रखी हैं। इस कारण प्रसव के बाद महिलाओं को घर जाने के लिए मिलने वाली निशुल्क 102 एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कुल मिलाकर चंबा में एंबुलेंस सेवाएं बुरी तरह से चरमरा चुकी है। इससे मरीज से लेकर तीमारदार सभी परेशान हैं।
जिले में मरीजों की सहूलियत को देखते हुए 108 एंबुलेंस सेवा को शुरू किया गया है। मगर इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जिले में 17 एंबुलेंस में दस एंबुलेंस खराब पड़ी हैं। वाहनों की हालत को देखते हुए एंबुलेंस कर्मचारी भी इन्हें चलाने से तौबा कर रहे हैं। मगर नौकरी बचाने के चक्कर में उन्हें मजबूरी में इन वाहनों को चलाना पड़ रहा है।
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एक दिन पहले ही एंबुलेंस कर्मचारियों ने गाड़ियों की खस्ता हालत के बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवगत करवाया है। इसके साथ ही मांग करते कहा कि खराब एंबुलेंस को शीघ्र ठीक करवाया जाए। जिससे मरीजों को इन सेवाओं का लाभ मिल सके। इसी तरह डलहौजी में दो एंबुलेंस में एक एंबुलेंस ही चल रही है। तीसा में दो एक एंबुलेंस खराब पड़ी है। चुवाड़ी में एक एंबुलेंस है, जोकि लंबे समय से खराब है।
इनसेट
एंबुलेंस संचालन कंपनी के चंबा-कांगड़ा प्रोग्राम मैनेजर विक्रांत ने बताया कि जो एंबुलेंस खराब हैं। उन्हें ठीक करवाया जा रहा है। जल्द ही सभी एंबुलेंस को लोगों की सेवाओं के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
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चंबा। चंबा में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने वाली 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं बुरी तरह से चरमरा गई हैं। हालत यह है कि जिले में चलने वाली 17 एंबुलेंस में दस एंबुलेंस सड़कों के किनारे खराब पड़ी हैं। इसके बावजूद इन्हें ठीक करवाने में कंपनी कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। इस कारण मरीजों को एंबुलेंस सेवा का लाभ लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के मुताबिक चंबा मेडिकल कॉलेज के अधीन चार 108 एंबुलेंस वाहन लंबे समय से खराब पड़े हैं। इन एंबुलेंस के स्थान पर कंपनी ने 102 एंबुलेंस चला रखी हैं। इस कारण प्रसव के बाद महिलाओं को घर जाने के लिए मिलने वाली निशुल्क 102 एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कुल मिलाकर चंबा में एंबुलेंस सेवाएं बुरी तरह से चरमरा चुकी है। इससे मरीज से लेकर तीमारदार सभी परेशान हैं।
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जिले में मरीजों की सहूलियत को देखते हुए 108 एंबुलेंस सेवा को शुरू किया गया है। मगर इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जिले में 17 एंबुलेंस में दस एंबुलेंस खराब पड़ी हैं। वाहनों की हालत को देखते हुए एंबुलेंस कर्मचारी भी इन्हें चलाने से तौबा कर रहे हैं। मगर नौकरी बचाने के चक्कर में उन्हें मजबूरी में इन वाहनों को चलाना पड़ रहा है।
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एक दिन पहले ही एंबुलेंस कर्मचारियों ने गाड़ियों की खस्ता हालत के बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवगत करवाया है। इसके साथ ही मांग करते कहा कि खराब एंबुलेंस को शीघ्र ठीक करवाया जाए। जिससे मरीजों को इन सेवाओं का लाभ मिल सके। इसी तरह डलहौजी में दो एंबुलेंस में एक एंबुलेंस ही चल रही है। तीसा में दो एक एंबुलेंस खराब पड़ी है। चुवाड़ी में एक एंबुलेंस है, जोकि लंबे समय से खराब है।
इनसेट
एंबुलेंस संचालन कंपनी के चंबा-कांगड़ा प्रोग्राम मैनेजर विक्रांत ने बताया कि जो एंबुलेंस खराब हैं। उन्हें ठीक करवाया जा रहा है। जल्द ही सभी एंबुलेंस को लोगों की सेवाओं के लिए शुरू कर दिया जाएगा।