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जिले में लेप्रोस्कोपी से पित्त की पथरी का पहला सफल ऑपरेशन
Updated Tue, 03 Jul 2018 10:32 PM IST
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- फोटो : demo pics
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प्रवीण कुमार
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में लेप्रोस्कॉपी से पित्त की पत्थरी का पहला सफल ऑपरेशन हुआ है। चंबा के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने करीब ढाई घंटे तक चले इस ऑपरेशन के बाद महिला के पित्त से सफलतापूर्वक पथरी निकाल ली है। चिन्नो देवी 42 के पित्त में दो पथरियां थी। इसमें एक 15 एमएम और दूसरी 17 एमएम की पथरी थी। लेप्रोस्कॉपी से होने वाले ऑपरेशन का फायदा यह है कि इसमें बिना चीरफाड़ के पथरी निकाली जाती है।
इससे मरीज को एक दिन बाद ही छुट्टी दे दी जाती है जबकि सामान्य ऑपरेशन में कई दिनों तक मरीज को भर्ती रखने के बाद भी कई महीनों तक दिक्कतें झेलनी पड़ती है। चंबा मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा शुरू होने के बाद अब मरीजों को ऑपरेशन के लिए जिले से बाहर टांडा या शिमला नहीं जाना होगा। ऑपरेशन को सर्जन डॉ. लखनपाल ने अपनी टीम के अंजाम दिया। उनके साथ डॉ. एसके गर्ग, प्रोफेसर एमएल शर्मा, डॉ. नागेश वर्मा डॉ. अनिल सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा। जिले में वैसे भी पित्त के पथरी के मामले अधिक पाए जाते हैं। इस वजह से मरीजों को बड़ी संख्या में लेप्रोस्कॉपी से ऑपरेशन करवाने के लिए जिले से बाहर जाना पड़ता था। इसमें उन्हें मोटी रकम खर्च करनी पड़ती थी।
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आईजीएमसी में दी सर्जन को लेप्रोस्कॉपी की ट्रेनिंग
मेडिकल कॉलेज में तैनात सर्जन को आईजीएमसी में लेप्रोस्कॉपी से पित्त की पथरी का ऑपरेशन करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिलवाया गया था। साथ ही सर्जन को लेप्रोस्कॉपी मशीन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। ट्रेनिंग करने के बाद सर्जन को यहां पहला सफल ऑपरेशन करने के लिए मंजूरी मिली है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनिल ओहरी ने बताया कि लेप्रोस्कॉपी से पित्त की पत्थरी का ऑपरेशन करने की सुविधा शुरू कर दी गई है। पहला ऑपरेशन एक महिला का किया गया है। अब रूटीन में मरीजों के ऑपरेश किए जाएंगे।
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