{"_id":"65ca501f35dffabba903d258","slug":"400-smc-teachers-went-on-pen-down-strike-chamba-news-c-88-1-ssml1004-118248-2024-02-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: पेन डाउन हड़ताल पर गए 400 एसएमसी शिक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: पेन डाउन हड़ताल पर गए 400 एसएमसी शिक्षक
Mon, 12 Feb 2024 10:36 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 12 Feb 2024 10:36 PM IST
विज्ञापन
चंबा। स्थायी नीति न बनाने से खफा स्कूल प्रबंधन समिति के तहत जिले के सैकड़ों स्कूलों में रखे गए 400 एमएससी शिक्षक सोमवार को पेन डाउन हड़ताल पर चले गए हैं।
एसएमसी शिक्षक लेक्चरर, टीजीटी, सीएंडवी के हड़ताल पर जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई रामभरोसे हो गई है। एसएमसी शिक्षकों ने साफ किया है कि शीघ्र इनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे सड़कों पर उतरेंगे।
पीरियड आधारित स्कूल प्रबंधन समिति अध्यापक यूनियन के जिलाध्यक्ष चंबा हरीश कुमार ने कहा कि जिले के स्कूलों में लेक्चरर, टीजीटी, सीएंडवी के तहत एसएमसी के तहत तैनात शिक्षकों के लिए स्थायी नीति नहीं बन पाई है। एसएमसी शिक्षक सरकारी विद्यालयों में नियमित अध्यापकों की तरह ही ड्यूटी निभा रहे हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई, खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने से लेकर हर विभागीय कार्य में एसएमसी शिक्षक ड्यूटी निभा रहे हैं। बीते 10 से 12 वर्षों से इन शिक्षकों के लिए स्थायी पॉलिसी नहीं बन पाई है।
विज्ञापन
राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर सभी जिलों से एसएमसी शिक्षक शिमला में क्रमिक अनशन कर रहे हैं। सरकार उनकी मांगों पर गौर नहीं कर रही है। अब क्रमिक अनशन के समर्थन में पेन डाउन हड़ताल शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षाएं सिर पर हैं। शिक्षकों ने विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए उनके लिए स्थायी नीति बनाने की मांग उठाई है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उनका भविष्य भी सुरक्षित हो सके।
--
विज्ञापन
एसएमसी शिक्षक लेक्चरर, टीजीटी, सीएंडवी के हड़ताल पर जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई रामभरोसे हो गई है। एसएमसी शिक्षकों ने साफ किया है कि शीघ्र इनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे सड़कों पर उतरेंगे।
विज्ञापन
पीरियड आधारित स्कूल प्रबंधन समिति अध्यापक यूनियन के जिलाध्यक्ष चंबा हरीश कुमार ने कहा कि जिले के स्कूलों में लेक्चरर, टीजीटी, सीएंडवी के तहत एसएमसी के तहत तैनात शिक्षकों के लिए स्थायी नीति नहीं बन पाई है। एसएमसी शिक्षक सरकारी विद्यालयों में नियमित अध्यापकों की तरह ही ड्यूटी निभा रहे हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई, खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने से लेकर हर विभागीय कार्य में एसएमसी शिक्षक ड्यूटी निभा रहे हैं। बीते 10 से 12 वर्षों से इन शिक्षकों के लिए स्थायी पॉलिसी नहीं बन पाई है।
विज्ञापन
राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर सभी जिलों से एसएमसी शिक्षक शिमला में क्रमिक अनशन कर रहे हैं। सरकार उनकी मांगों पर गौर नहीं कर रही है। अब क्रमिक अनशन के समर्थन में पेन डाउन हड़ताल शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षाएं सिर पर हैं। शिक्षकों ने विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए उनके लिए स्थायी नीति बनाने की मांग उठाई है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उनका भविष्य भी सुरक्षित हो सके।