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सुंडला जंगल में 369 स्लीपर जले
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सुंडला में वन रक्षक आवास के साथ रखी ईमारती लकड़ी जंगल की आग ने की स्वाह।
- फोटो : Chamba
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चंबा। जंगल की आग ने देवदार और चीड़ के 369 स्लीपर जला दिए। इसमें देवदार के 39 स्लीपर, चीड़ के 295 (लॉग) और कायल के 25 नग थे। इन्हें वन विभाग ने वन रक्षक आवास के साथ रखा था। चीड़ के स्लीपर दो वर्ष पहले सड़क निर्माण के दौरान अवैध रूप से काटे गए थे। इन्हें विभाग ने जब्त किया था। मंगलवार रात जंगल की आग ने स्लीपरों को स्वाह कर दिया। इससे विभाग को चार लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। जंगल में वन संपदा को पहुंचे नुकसान का आकलन तैयार किया जा रहा है।
सुंडला के पास मंगलवार रात अचानक आग भड़क गई। देखते ही देखते आग पूरे जंगल में फैल गई। आग को बुझाने के लिए वन पालक और वन रक्षक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जब आग बेकाबू होने लगी तो उन्होंने दमकल विभाग को सूचित किया। सलूण और खैरी से दमकल विभाग की चार गाड़ियां आग बुझाने के लिए पहुंचीं। पानी की बौछार करके आग को बस्ती में जाने से रोका गया। हालांकि आग की चपेट में आने से वन रक्षक के आवास की खिड़की और अंदर रखे गद्दे और कंबल जल गए।
जंगल की आग इतनी भयंकर थी कि उसकी चपेट में आने से देवदार और चीड़ के स्लीपर जलकर राख हो गए। कर्मचारियों ने इन स्लीपरों को बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन बेकाबू आग ने देखते ही देखते लकड़ी को स्वाह कर दिया। जंगल में आग लगाने वाले शरारती तत्व का अभी तक पता नहीं लग पाया है। विभाग में जांच कर रहा है।
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रमन ठाकुर, वन पालक
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सुंडला के पास मंगलवार रात अचानक आग भड़क गई। देखते ही देखते आग पूरे जंगल में फैल गई। आग को बुझाने के लिए वन पालक और वन रक्षक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जब आग बेकाबू होने लगी तो उन्होंने दमकल विभाग को सूचित किया। सलूण और खैरी से दमकल विभाग की चार गाड़ियां आग बुझाने के लिए पहुंचीं। पानी की बौछार करके आग को बस्ती में जाने से रोका गया। हालांकि आग की चपेट में आने से वन रक्षक के आवास की खिड़की और अंदर रखे गद्दे और कंबल जल गए।
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जंगल की आग इतनी भयंकर थी कि उसकी चपेट में आने से देवदार और चीड़ के स्लीपर जलकर राख हो गए। कर्मचारियों ने इन स्लीपरों को बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन बेकाबू आग ने देखते ही देखते लकड़ी को स्वाह कर दिया। जंगल में आग लगाने वाले शरारती तत्व का अभी तक पता नहीं लग पाया है। विभाग में जांच कर रहा है।
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रमन ठाकुर, वन पालक