{"_id":"693b0a2165f0c93bf00ed1aa","slug":"35-shopkeepers-have-not-paid-rent-for-five-years-the-city-councils-recovery-of-25-lakh-rupees-is-stuck-chamba-news-c-88-1-cmb1002-168949-2025-12-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: पांच साल से 35 दुकानदारों ने जमा नहीं करवाया किराया, नगर परिषद की 25 लाख की वसूली अटकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: पांच साल से 35 दुकानदारों ने जमा नहीं करवाया किराया, नगर परिषद की 25 लाख की वसूली अटकी
Fri, 12 Dec 2025 06:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 12 Dec 2025 06:43 AM IST
विज्ञापन
चंबा। नगर परिषद के तहत किराये पर संचालित दुकानों के करीब 35 दुकानदार पिछले लगातार पांच साल से किराया जमा नहीं कर रहे, जिससे नगर परिषद पर वित्तीय दबाव बढ़ता जा रहा है। इन सभी दुकानदारों पर कुल मिलाकर लगभग 25 लाख रुपये का बकाया जमा हो चुका है। नगर परिषद ने इन दुकानदारों को पिछले वर्षों में कई बार नोटिस जारी कर चेतावनी दी लेकिन इसके बावजूद अधिकांश दुकानदारों ने बकाया राशि चुकाने में कोई रुचि नहीं दिखाई। नगर परिषद की ओर से अब इन सभी 35 दुकानदारों को एक और अंतिम नोटिस भेजा जाएगा। जिसमें तय समय सीमा के भीतर बकाया जमा करवाने का निर्देश होगा। नगर परिषद की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल ने बताया कि यदि इस बार भी किसी ने किराया जमा नहीं किया सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन दुकानदारों की दुकानों पर ताला भी लटक सकता है। विकास कार्यों और सार्वजनिक सुविधाओं को सुचारु रखने के लिए किराया वसूली बेहद जरूरी है। इसलिए अब किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि बकाया चुकाओ या कार्रवाई के लिए तैयार रहो।
बता दें कि नगर परिषद के दायरे में करीब 450 दुकानें किराये पर दी गई हैं। जिनसे नगर परिषद किराया वसूलती है लेकिन, कई दुकानदार ऐसे हैं कि उन्होंने पिछले पांच सालों से किराया जमा नहीं करवाया है। जिससे नगर परिषद के राजस्व को चूना लग रहा है। नगर परिषद ने अंतिम बार अब चेतावनी दी है, इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
बता दें कि नगर परिषद के दायरे में करीब 450 दुकानें किराये पर दी गई हैं। जिनसे नगर परिषद किराया वसूलती है लेकिन, कई दुकानदार ऐसे हैं कि उन्होंने पिछले पांच सालों से किराया जमा नहीं करवाया है। जिससे नगर परिषद के राजस्व को चूना लग रहा है। नगर परिषद ने अंतिम बार अब चेतावनी दी है, इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।
विज्ञापन