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मैहला में विश्रामगृहों का नहीं मिल रहा लोगों को लाभ
Updated Fri, 23 Nov 2018 09:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मैहला (चंबा)। मैहला पंचायत में बने विभिन्न विभागों के विश्रामगृहों का लाभ देर-सवेर पहुंचने वाले लोगों को नहीं मिल पा रहा है। आलम यह है कि इन विश्राम गृहों की बुकिंग जिला मुख्यालय चंबा में होती है। ऐसे में सायं पांच बजे के बाद इन विश्रामगृहों में पहुंचने वाले लोगों को विश्राम गृहों में कमरे तक नहीं मिल पा रहे हैं। इससे ग्रामीणों ने साफ शब्दों में मैहला में बने इन विश्राम गृहों का लोगों के लिए कोई भी औचित्य न होने तक की बात कह डाली है। गौरतलब है कि विकास खंड मैहला के तहत आती मैहला पंचायत में मिड हिमालय के विश्राम गृह में दो कमरों का निर्माण करवाया गया है। इसके अलावा यहीं पर सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के विश्राम गृह के तहत दो कमरे बने हुए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि मैहला में बने विभागीय विश्राम गृहों के लिए बुकिंग का तामझाम जिला मुख्यालय चंबा में ही है। ऐसे में देरशाम यदि कोई बाहरी जिले से आने वाले व्यक्ति भी मैहला में पहुंच जाता है तो उसे इन विश्रामगृहों का लाभ तक नहीं मिल पा रहा है। प्रबुद्घ नागरिकों देसराज, पूर्व उपप्रधान चड़ी रोशन लाल, दाड़वी के पूर्व प्रधान किशन चंद, देसराज, किस्सो, जर्मो राम, प्रकाश, दिनेश कुमार, राकेश कुमार, देवराज, पवन कुमार, मनोज जसरोटिया का कहना है कि मिड हिमालय और आईपीएच के विश्राम गृहों के दो-दो कमरे होने के बाद भी सायं पांच बजे के बाद लोगों को इनका लाभ तक नहीं मिल पा रहा है। लोगों की सहूलियत के लिए बनाए गए विश्राम गृहों का लोगों को ही लाभ न मिल पाने की सूरत में इनका कोई भी औचित्य नहीं रह जाता है।
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मैहला (चंबा)। मैहला पंचायत में बने विभिन्न विभागों के विश्रामगृहों का लाभ देर-सवेर पहुंचने वाले लोगों को नहीं मिल पा रहा है। आलम यह है कि इन विश्राम गृहों की बुकिंग जिला मुख्यालय चंबा में होती है। ऐसे में सायं पांच बजे के बाद इन विश्रामगृहों में पहुंचने वाले लोगों को विश्राम गृहों में कमरे तक नहीं मिल पा रहे हैं। इससे ग्रामीणों ने साफ शब्दों में मैहला में बने इन विश्राम गृहों का लोगों के लिए कोई भी औचित्य न होने तक की बात कह डाली है। गौरतलब है कि विकास खंड मैहला के तहत आती मैहला पंचायत में मिड हिमालय के विश्राम गृह में दो कमरों का निर्माण करवाया गया है। इसके अलावा यहीं पर सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के विश्राम गृह के तहत दो कमरे बने हुए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि मैहला में बने विभागीय विश्राम गृहों के लिए बुकिंग का तामझाम जिला मुख्यालय चंबा में ही है। ऐसे में देरशाम यदि कोई बाहरी जिले से आने वाले व्यक्ति भी मैहला में पहुंच जाता है तो उसे इन विश्रामगृहों का लाभ तक नहीं मिल पा रहा है। प्रबुद्घ नागरिकों देसराज, पूर्व उपप्रधान चड़ी रोशन लाल, दाड़वी के पूर्व प्रधान किशन चंद, देसराज, किस्सो, जर्मो राम, प्रकाश, दिनेश कुमार, राकेश कुमार, देवराज, पवन कुमार, मनोज जसरोटिया का कहना है कि मिड हिमालय और आईपीएच के विश्राम गृहों के दो-दो कमरे होने के बाद भी सायं पांच बजे के बाद लोगों को इनका लाभ तक नहीं मिल पा रहा है। लोगों की सहूलियत के लिए बनाए गए विश्राम गृहों का लोगों को ही लाभ न मिल पाने की सूरत में इनका कोई भी औचित्य नहीं रह जाता है।