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चंबा मेडिकल कॉलेज में नौकरी के नाम पर हजारों युवाओं से धोखा
Updated Thu, 04 Jan 2018 10:50 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में नौकरी के नाम पर जिले के हजारों युवाओं के साथ धोखा हुआ है। मेडिकल कॉलेज में हजारों बेरोजगार युवाओं ने भर्ती के लिए आवेदन किया। मगर भर्ती देने का मौका सिर्फ गिने-चुने युवाओं को ही मिल रहा है। युवाओं का आरोप है कि भर्ती लेने वाली कंपनी उन्हीं आवेदकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। जिनकी ऊंची पहुंच हैं।
गौरतलब हो कि चंबा में मेडिकल कॉलेज शुरू हुए पांच महीने का समय बीत चुका है। इस दौरान सैकड़ों कर्मचारियों की भर्तियां हुईं। यह भर्तियां कहां हुई और किसने ली। इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं है। हालांकि मेडिकल कॉलेज शुरू होने पर जिले के हजारों बेरोजगार युवाओं ने नौकरी की आस में आवेदन किए थे। आवेदन करते समय कंपनी और मेडिकल के कर्मचारियों ने कहा था कि साक्षात्कार को लेकर दूरभाष और समाचार पत्र के जरिये सूचित किया जाएगा। मगर ऐसा नहीं हुआ है। बहरहाल, अब युवा वर्ग अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से लेकर अभी तक विभिन्न पदों पर सैकड़ों भर्तियां हुई हैं। इसको लेकर एक भी इश्तेहार नहीं दिया गया।
इस वजह से आवेदन करने वाले हजारों युवा साक्षात्कार का इंतजार करते रहे। मगर मेडिकल कॉलेज और कंपनी के कर्मचारी बंद कमरे में भर्ती लेते रहे। यहां तक कि आचार संहिता के दौरान भी कर्मचारियों की भर्तियां हुईं। जबकि आचार संहिता में भर्ती प्रक्रिया पर चुनाव आयोग ने रोक लगाई थी। भर्ती करने का सिलसिला निरंतर चलता रहा। बेरोजगार युवा सुनील कुमार, सुरेंद्र, हंसराज, कमल कुमार, अजीत, रवि कुमार, जितेंद्र, योगराज, नितेंद्र, चमन सिंह, रूप लाल और अमन कुमार ने बताया कि दरबार हॉल में सार्वजनिक रूप से ली जा रही भर्ती भी मात्र दिखावा है। साक्षात्कार के लिए सभी आवेदकों को नहीं बुलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनिंदा और सिफारिश वाले युवाओं को ही साक्षात्कार में बुलाया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि चंबा मेडिकल कॉलेज में हुई भर्ती को निरस्त किया जाए। भर्ती को लेकर एक कमेटी गठित की हो। इसके साथ ही साक्षात्कार में सभी युवाओं को भाग लेने का मौका दिया जाए।
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मेडिकल कॉलेज में हुई भर्ती की होगी जांच : विपिन सिंह परमार
स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला अभी लाया गया है। इसको लेकर पूरी जांच पड़ताल की जाएगी। अगर भर्ती में कोई धांधली हुई तो निश्चित रूप से उसमें कार्रवाई की जाएगी।
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चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में नौकरी के नाम पर जिले के हजारों युवाओं के साथ धोखा हुआ है। मेडिकल कॉलेज में हजारों बेरोजगार युवाओं ने भर्ती के लिए आवेदन किया। मगर भर्ती देने का मौका सिर्फ गिने-चुने युवाओं को ही मिल रहा है। युवाओं का आरोप है कि भर्ती लेने वाली कंपनी उन्हीं आवेदकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। जिनकी ऊंची पहुंच हैं।
गौरतलब हो कि चंबा में मेडिकल कॉलेज शुरू हुए पांच महीने का समय बीत चुका है। इस दौरान सैकड़ों कर्मचारियों की भर्तियां हुईं। यह भर्तियां कहां हुई और किसने ली। इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं है। हालांकि मेडिकल कॉलेज शुरू होने पर जिले के हजारों बेरोजगार युवाओं ने नौकरी की आस में आवेदन किए थे। आवेदन करते समय कंपनी और मेडिकल के कर्मचारियों ने कहा था कि साक्षात्कार को लेकर दूरभाष और समाचार पत्र के जरिये सूचित किया जाएगा। मगर ऐसा नहीं हुआ है। बहरहाल, अब युवा वर्ग अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से लेकर अभी तक विभिन्न पदों पर सैकड़ों भर्तियां हुई हैं। इसको लेकर एक भी इश्तेहार नहीं दिया गया।
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इस वजह से आवेदन करने वाले हजारों युवा साक्षात्कार का इंतजार करते रहे। मगर मेडिकल कॉलेज और कंपनी के कर्मचारी बंद कमरे में भर्ती लेते रहे। यहां तक कि आचार संहिता के दौरान भी कर्मचारियों की भर्तियां हुईं। जबकि आचार संहिता में भर्ती प्रक्रिया पर चुनाव आयोग ने रोक लगाई थी। भर्ती करने का सिलसिला निरंतर चलता रहा। बेरोजगार युवा सुनील कुमार, सुरेंद्र, हंसराज, कमल कुमार, अजीत, रवि कुमार, जितेंद्र, योगराज, नितेंद्र, चमन सिंह, रूप लाल और अमन कुमार ने बताया कि दरबार हॉल में सार्वजनिक रूप से ली जा रही भर्ती भी मात्र दिखावा है। साक्षात्कार के लिए सभी आवेदकों को नहीं बुलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनिंदा और सिफारिश वाले युवाओं को ही साक्षात्कार में बुलाया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि चंबा मेडिकल कॉलेज में हुई भर्ती को निरस्त किया जाए। भर्ती को लेकर एक कमेटी गठित की हो। इसके साथ ही साक्षात्कार में सभी युवाओं को भाग लेने का मौका दिया जाए।
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मेडिकल कॉलेज में हुई भर्ती की होगी जांच : विपिन सिंह परमार
स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला अभी लाया गया है। इसको लेकर पूरी जांच पड़ताल की जाएगी। अगर भर्ती में कोई धांधली हुई तो निश्चित रूप से उसमें कार्रवाई की जाएगी।