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चंबा में पंचायतों में अपात्र परिवारों को किया बीपीएल में शामिल
Updated Tue, 21 Nov 2017 10:46 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जिला ग्रामीण अनुसूचित जाति, जनजाति विकास संगठन का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त सुदेश मोख्टा से मिला। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे पुन्नू राम ने बताया कि चंबा में बीपीएल परिवारों की श्रेणी में अपात्र परिवारों को शामिल किया गया है। ग्राम पंचायत प्रधानों के रिश्तेदार इस सूची में शामिल किए गए हैं। जबकि पात्र और गरीब परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल नहीं किया गया है। बीपीएल परिवारों के चयन को लेकर जो सर्वे किए गए हैं। उनमें भी घोटाला हुआ है। चंबा की कुछ पंचायतें ऐसी हैं जहां पर गाड़ी मोटर और पक्के मकानों वाले परिवारों को बीपीएल में शामिल किया गया है। जबकि दो वक्त की रोटी का जुुगाड़ बड़ी मुश्किल से करने वाले परिवारों को सूची से बाहर रखा गया है। पंचायतों में बीपीएल सूूची में शामिल सभी परिवारों का दोबारा से सर्वे होना चाहिए। इससे ही सही तस्वीर साफ हो पाएगी। उन्होंने उपायुक्त से मांग करते हुए कहा कि बीपीएल सूची के चयन को लेकर संबंधित पटवारी, प्रधान, सचिव और खंड विकास अधिकारी साथ रहें। ताकि पात्र परिवारों को बीपीएल की सूची में शामिल किया जा सके। उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को मामले में जांच करने का आश्वासन दिया है।
चंबा। जिला ग्रामीण अनुसूचित जाति, जनजाति विकास संगठन का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त सुदेश मोख्टा से मिला। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे पुन्नू राम ने बताया कि चंबा में बीपीएल परिवारों की श्रेणी में अपात्र परिवारों को शामिल किया गया है। ग्राम पंचायत प्रधानों के रिश्तेदार इस सूची में शामिल किए गए हैं। जबकि पात्र और गरीब परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल नहीं किया गया है। बीपीएल परिवारों के चयन को लेकर जो सर्वे किए गए हैं। उनमें भी घोटाला हुआ है। चंबा की कुछ पंचायतें ऐसी हैं जहां पर गाड़ी मोटर और पक्के मकानों वाले परिवारों को बीपीएल में शामिल किया गया है। जबकि दो वक्त की रोटी का जुुगाड़ बड़ी मुश्किल से करने वाले परिवारों को सूची से बाहर रखा गया है। पंचायतों में बीपीएल सूूची में शामिल सभी परिवारों का दोबारा से सर्वे होना चाहिए। इससे ही सही तस्वीर साफ हो पाएगी। उन्होंने उपायुक्त से मांग करते हुए कहा कि बीपीएल सूची के चयन को लेकर संबंधित पटवारी, प्रधान, सचिव और खंड विकास अधिकारी साथ रहें। ताकि पात्र परिवारों को बीपीएल की सूची में शामिल किया जा सके। उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को मामले में जांच करने का आश्वासन दिया है।