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Chamba News: 15 साल की तय समय सीमा पार कर चुकी हैं चंबा डिपो की 20 बसें

Sun, 12 May 2024 10:20 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Sun, 12 May 2024 10:20 PM IST
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20 buses of Chamba depot have crossed the stipulated time limit of 15 years.
चंबा। परिवहन निगम के चंबा डिपो में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। मरम्मत के अभाव में रोजाना निगम की बसें किसी न किसी रूट पर खराब हो रही हैं।
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इससे लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। डिपो में वैसे तो बसों की संख्या करीब 200 है, लेकिन इनमें से करीब 20 बसें ऐसी हैं, जो 15 साल की समय सीमा को पार कर चुकी हैं। मांग के बावजूद निगम प्रबंधन के पास नई बसें नहीं पहुंची हैं। पुरानी बसों की भी सही ढंग से मरम्मत नहीं हो पा रही है। बसों की मरम्मत करने वाले मेकेनिक भी निगम प्रबंधन के पास नहीं हैं। समय पर मरम्मत न होने के कारण रूटों पर भी बसें देरी से जा रही हैं। प्रबंधन को खटारा हो चुकीं बसों के सहारे ही व्यवस्था चलानी पड़ रही है। लोगों ने कहा कि एचआरटीसी बसों में सफर करते समय यही डर सताता है कि पता नहीं कौन से मोड़ पर खड़ी हो जाए और उन्हें पैदल ही न सफर करना पड़ जाए। परिवहन निगम लोगों को बेहतर सुविधा देने के दावे तो करता है, लेकिन खटारा एचआरटीसी बसें रोज खराब हो रही हैं। लोगों में कैलाश कुमार, योग राज, महिंद्र कुमार और रमन कुमार ने कहा कि विभिन्न रूटों पर सरकारी बसें हांफ रही है। इस कारण यात्रियों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। निगम प्रबंधन के सूत्रों के अनुसार दस बसों की मांग भेजी गई थी। महज आठ बसें आई हैं। पिछले सप्ताह में दो बसों की मरम्मत के लिए कलपुर्जे आए थे। ये खत्म हो गए हैं। 20 बसों की मरम्मत के लिए कलपुर्जों की मांग भेजी गई है। उधर, आरएम शुगल सिंह ने कहा कि बीस बसें अपनी 15 वर्ष की आयु पूरी की चुकी हैं। उसके बाद महज छह बसें मिली हैं। ये लंबे रूट पर चलती है। बसों की डिमांड की गई है।

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वर्कशॉप खस्ताहाल, मेकेनिक नहीं, फिर खत्म हो गए कलपुर्जे
परिवहन निगम के चंबा डिपो की वर्कशॉप खस्ताहाल हो चुकी है। इसकी टीन की छत गिर चुकी है। गर्मी के मौसम में कर्मचारी बिना छत वाली वर्कशॉप में काम करने पर मजबूर हैं। कर्मशाला परिसर में जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं। कर्मचारी कई बार निगम प्रबंधन से वर्कशॉप की मरम्मत करने की मांग उठा चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। चालक यूनियन के प्रधान हेमराज ने कहा कि वर्कशॉप की मरम्मत करने के लिए निगम प्रबंधन ने छह महीने का समय दिया है। उधर, निगम के पास कुशल मेकेनिकों की भी कमी है। चंबा डिपो में जहां 60 कुशल मेकेनिकों की जरूरत है, वहां महज पांच ही मेकेनिक काम कर रहे हैं। इधर, बीते सप्ताह ही डिपो में कलपुर्जों की खेप पहुंची थी, लेकिन ये फिर से खत्म हो गए हैं।
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