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बर्फ में कैद हुई जिंदगी, सड़कें बंद, हजारों की आबादी अंधेरे में

Tue, 22 Jan 2019 10:10 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jan 2019 10:10 PM IST
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बर्फ में कैद हुई जिंदगी, सड़कें बंद, हजारों की आबादी अंधेरे में
अमर उजाला ब्यूरो
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चंबा। जिले में भारी बर्फबारी में जिंदगी पूरी तरह से कैद होकर रह गई है। हालत यह है कि भारी हिमपात से जनजातीय क्षेत्रों समेत पूरे जिले में जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो चुका है। इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि जिले में चंबा-भरमौर हाईवे समेत करीब 108 मार्ग बाधित है जबकि 145 ट्रांसफार्मर बंद हैं। इससे हजारों की आबादी अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। वहीं बर्फबारी के कारण विभिन्न रूटों पर निगम की 24 बसें भी फंस गई हैं। इस वजह से यात्री आधे रास्ते में फंस गए या फिर उन्हें पैदल ही आगे का सफर तय करना पड़ा। कुल मिलाकर जिले में बर्फबारी ने लोगों की दिक्कतों को बढ़ाने का ही काम किया।

गौरतलब हो कि भारी बारिश और बर्फबारी के बाद जिले में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मंगलवार सुबह से होने वाली बर्फबारी से चंबा-भरमौर एनएच नैनीखड्ड, बनीखेत, पंचपूला में बार-बार अवरुद्ध होता रहा। डलहौजी, चंबा, तीसा, भरमौर, सलूणी और किलाड़ डिवीजन के तहत 108 मार्ग बंद हैं। इसके अलावा लोनिवि के डलहौजी डिविजन के तहत आठ मार्ग, चंबा डिविजन के तहत 17, तीसा डिविजन के तहत 18, भरमौर डिविजन के तहत 42, सलूणी डिविजन के तहत 11 और किलाड़ डिविजन के तहत 12 मार्गों पर यातायात ठप है। हालांकि, मार्गों के अवरुद्ध होने की सूचना मिलते ही विभागीय लेबर, मशीनरी मौके पर मार्गों को सुचारू करने के लिए कड़ी मशक्कत के साथ डटी रही। विभाग ने 62 जेसीबी, तीन डोजर और 7 टिपर लगाए गए। चंबा मंडल के अधीन आने वाले अधिकांश मार्गों में अमूमन 8 मार्ग मंगलवार देरशाम तक यातायात के लिए सुचारु नहीं हो पाए थे। वहीं, दूसरी और बर्फबारी से चंबा, तीसा, कोटी, राख, चंबा द्वितीय सब डिविजन और भरमौर में 145 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। बर्फबारी से जगह-जगह पर पेडों की टहनियां टूटने, पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई है। उद्यान विभाग के उपनिदेशक केएल शर्मा ने बताया कि सेब की फसल के लिए जरूरी माने जाने वाले चिलिंग आवर भारी बारिश और बर्फबारी के बाद पूरे होंगे। बर्फबारी से सेब के पेड़ों को लगने वाली फंगस की बीमारी भी खत्म होती है। लिहाजा, सेब समेत अन्य फलदार पेड़ों के लिए बर्फबारी राम बाण से कम नहीं हैं।
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