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बसों की रिप्लेसमेंट अवधि को सात साल से बढ़ाकर किया जाए दस साल
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बस रूट परमिट जारी न करने की वकालत
निजी बस ऑपरेटरों ने परिवहन निदेशक को सौंपा मांग पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। निजी बस ऑपरेटर यूनियन चंबा के प्रतिनिधिमंडल ने परिवहन निदेशक को मांग पत्र सौंपा। यूनियन के प्रधान रवि महाजन ने बताया कि चंबा जिले में नए बस रूट परमिट आवंटित करना बंद किया जाए क्योंकि बहुत कम अंतराल के समय में बसें चल रही हैं। नए रूट बढ़ने से कंपीटीशन बढ़ रहा है। इसके चलते दुर्घटनाओं में इजाफा हो रहा है। बस ऑपरेटरों का एसआरटी टोकन टैक्स एक ही लिया जाए। आरटीओ कार्यालय में जल्द अधीक्षक को तैनात किया जाए। स्टाफ की चल रही कमी को जल्द पूरा किया जाए। जिले में जितने भी संपर्क मार्ग बनाए जा रहे हैं, उनके ऊपर 10 से 12 सीटों वाली गाड़ियां स्टेज कैरिज रूट पर मुख्य मार्ग तक चलाई जाएं। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही सरकार के राजस्व में टैक्स के रूप में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने निदेशक से मांग की कि बसों की रिप्लेसमेंट अवधि को सात साल से बढ़ाकर दस साल किया जाए। चंबा में सड़कों की हालत काफी दयनीय है। इसलिए बसों के नए रूट न जारी किए जाएं। नई सड़कों पर नया रूट जारी करने की बजाए पुराने रूट पर चल रही बस का रूट बढ़ाया जाए। इस मौके पर यूनियन के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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निजी बस ऑपरेटरों ने परिवहन निदेशक को सौंपा मांग पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। निजी बस ऑपरेटर यूनियन चंबा के प्रतिनिधिमंडल ने परिवहन निदेशक को मांग पत्र सौंपा। यूनियन के प्रधान रवि महाजन ने बताया कि चंबा जिले में नए बस रूट परमिट आवंटित करना बंद किया जाए क्योंकि बहुत कम अंतराल के समय में बसें चल रही हैं। नए रूट बढ़ने से कंपीटीशन बढ़ रहा है। इसके चलते दुर्घटनाओं में इजाफा हो रहा है। बस ऑपरेटरों का एसआरटी टोकन टैक्स एक ही लिया जाए। आरटीओ कार्यालय में जल्द अधीक्षक को तैनात किया जाए। स्टाफ की चल रही कमी को जल्द पूरा किया जाए। जिले में जितने भी संपर्क मार्ग बनाए जा रहे हैं, उनके ऊपर 10 से 12 सीटों वाली गाड़ियां स्टेज कैरिज रूट पर मुख्य मार्ग तक चलाई जाएं। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही सरकार के राजस्व में टैक्स के रूप में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने निदेशक से मांग की कि बसों की रिप्लेसमेंट अवधि को सात साल से बढ़ाकर दस साल किया जाए। चंबा में सड़कों की हालत काफी दयनीय है। इसलिए बसों के नए रूट न जारी किए जाएं। नई सड़कों पर नया रूट जारी करने की बजाए पुराने रूट पर चल रही बस का रूट बढ़ाया जाए। इस मौके पर यूनियन के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।