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तीन ओपीडी में दो घंटे तक नहीं पहुंचे डॉक्टर
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी की वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज के तीन मुख्य ओपीडी दोपहर बारह बजे तक शुरू नहीं हो पाई। इसकी वजह से मरीजों को ओपीडी के बाहर दो घंटे तक डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा।
महिला रोग और मेडिसिन की ओपीडी मेडिकल कॉलेज के सबसे महत्वपूर्ण ओपीडी हैं। इन ओपीडी में दिन में सबसे ज्यादा मरीज आते हैं। लेकिन शनिवार को इन ओपीडी में दोपहर तक डॉक्टर नहीं थे। लंबे समय तक इंतजार करने के बाद मरीज फर्श पर बैठ गए। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को झेलनी पड़ी। महिला ओपीडी के बाहर सुबह साढ़े नौ बजे से गर्भवती समेत अन्य महिलाएं उपचार के लिए पहुंच गई। लेकिन, बारह बजे तक वहां कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। इसकी वजह से महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ी।
कुछेक महिलाएं थकावट की वजह से फर्श पर ही बैठ गईं। गौर रहे कि चंबा मेडिकल कॉलेज में दो एमडी नियुक्त हैं। जोकि शनिवार को वार्ड का राउंड करने में व्यस्त रहे। इसकी वजह से ओपीडी में दोपहर तक मरीजों को डॉक्टर की सुविधाएं नहीं मिल पाई। यही हाल महिला रोग ओपीडी का भी रहा। तीमारदार नरेंद्र, अशोक कुमार, अजय कुमार, निशा कुमार, ममता, सुरेंद्र, योगराज, चमन लाल, हंसराज और कमल कुमार ने बताया कि सरकार ने चंबा में मेडिकल कॉलेज तो खोल दिया है।
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मगर डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की गई है। इसकी वजह से मरीज परेशान हो रहे हैं। जिले की छह लाख आबादी अपनी बीमारी का उपचार करवाने के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज पर निर्भर है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने से मरीजों को उपचार के लिए निजी स्वास्थ्य संस्थानों का रुख करना पड़ रहा है। क्योंकि मेडिकल कॉलेज में आए दिन ओपीडी से डॉक्टर नहीं मिलते हैं। उनकी ओपीडी और वार्ड राउंड का समय निर्धारित होना चाहिए।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि डॉक्टर वार्ड का राउंड करने की वजह से ओपीडी में देरी से पहुंचे। डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार को अवगत करवाया जा चुका है। भविष्य में इस प्रकार की समस्या पैदा न हो इसकी व्यवस्था की जाएगी।
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चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी की वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज के तीन मुख्य ओपीडी दोपहर बारह बजे तक शुरू नहीं हो पाई। इसकी वजह से मरीजों को ओपीडी के बाहर दो घंटे तक डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा।
महिला रोग और मेडिसिन की ओपीडी मेडिकल कॉलेज के सबसे महत्वपूर्ण ओपीडी हैं। इन ओपीडी में दिन में सबसे ज्यादा मरीज आते हैं। लेकिन शनिवार को इन ओपीडी में दोपहर तक डॉक्टर नहीं थे। लंबे समय तक इंतजार करने के बाद मरीज फर्श पर बैठ गए। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को झेलनी पड़ी। महिला ओपीडी के बाहर सुबह साढ़े नौ बजे से गर्भवती समेत अन्य महिलाएं उपचार के लिए पहुंच गई। लेकिन, बारह बजे तक वहां कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। इसकी वजह से महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ी।
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कुछेक महिलाएं थकावट की वजह से फर्श पर ही बैठ गईं। गौर रहे कि चंबा मेडिकल कॉलेज में दो एमडी नियुक्त हैं। जोकि शनिवार को वार्ड का राउंड करने में व्यस्त रहे। इसकी वजह से ओपीडी में दोपहर तक मरीजों को डॉक्टर की सुविधाएं नहीं मिल पाई। यही हाल महिला रोग ओपीडी का भी रहा। तीमारदार नरेंद्र, अशोक कुमार, अजय कुमार, निशा कुमार, ममता, सुरेंद्र, योगराज, चमन लाल, हंसराज और कमल कुमार ने बताया कि सरकार ने चंबा में मेडिकल कॉलेज तो खोल दिया है।
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मगर डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की गई है। इसकी वजह से मरीज परेशान हो रहे हैं। जिले की छह लाख आबादी अपनी बीमारी का उपचार करवाने के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज पर निर्भर है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने से मरीजों को उपचार के लिए निजी स्वास्थ्य संस्थानों का रुख करना पड़ रहा है। क्योंकि मेडिकल कॉलेज में आए दिन ओपीडी से डॉक्टर नहीं मिलते हैं। उनकी ओपीडी और वार्ड राउंड का समय निर्धारित होना चाहिए।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि डॉक्टर वार्ड का राउंड करने की वजह से ओपीडी में देरी से पहुंचे। डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार को अवगत करवाया जा चुका है। भविष्य में इस प्रकार की समस्या पैदा न हो इसकी व्यवस्था की जाएगी।