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खज्जियार झील पर मंडरा रहा खतरा, हर साल बढ़ रहा दलदल

Sun, 10 Jun 2018 11:27 PM IST
Updated Sun, 10 Jun 2018 11:27 PM IST
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खज्जियार झील पर मंडरा रहा खतरा, हर साल बढ़ रहा दलदल
lake - फोटो : अमर उजाला

अमर उजाला ब्यूरो

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खज्जियार (चंबा)। पर्यटकों की पसंदीदा पनाहगाह खज्जियार झील अपने अस्तित्व की जंग लड़ रही हैं। साल दर साल झील में टनों के हिसाब से उत्पन्न होने वाली गाद इसका मुख्य कारण हैं। इसी झील से खज्जियार को मिनी स्विट्जरलैंड की ख्याति मिली है। मगर अब वह झील दलदल में तब्दील होती जा रही है। इस झील को निहारने के लिए देश-विदेश से पर्यटक मीलों की दूरी तय कर पहुंचते थे।

मगर अब खज्जियार गर्मी से राहत पाने का ही स्थान बनकर गया है। पिछले 15 सालों से झील दलदल में तब्दील होती जा रही है। प्रशासन और वन्य प्राणी विभाग झील का अस्तित्व बचाए रखने के लिए झील से गाद निकालने तक ही सीमित है। मगर झील में यह गाद कैसे बनती जा रही है ? इसका पता करने में अब तक असमर्थ है। झील को साफ करने के लिए पिछले करीब 15 सालों से करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। मगर झील में दलदल बढ़ता ही जा रहा है। इससे झील का दायरा दिनप्रतिदिन घटता जा रहा है, जो पर्यटन की दृष्टि से चिंता का विषय है।
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गौरतलब है कि पर्यटन स्थल खज्जियार को मिनी स्विट्जरलैंड का नाम दिया गया है। देवदार के पेड़ों से घिरा मैदान और उसके बीच सुंदर झील ही इसकी वजह है। देवदार के पेड़ तो वैसे के वैसे ही हैं। मगर झील का दायरा लगातार कम हो रहा है। नेताओें के भाषणों में इस झील को दोबारा जीवित करने की बात उठती है। मगर नेता यहां से मात्र वोट लेने तक ही समिति रह पाए हैं।
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जबकि हकीकत यह है कि अब नेताओं ने इस संबंध में कोई ठोस प्रयास नहीं किए हैं। स्थानीय निवासी सुभाष कुमार, अशोक कुमार, सुनील कुमार, सन्नी कुमार, अजय कुमार, चंद्रेश कुमार, अमर चंद, कर्म चंद, मदन लाल, हंसराज और ओंकार सिंह का कहना है कि पर्यटन स्थल खज्जियार झील में दलदल बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशासन यहां झील की गाद निकाल रहा है। जबकि इस झील के खराब होने के कारण अभी तक सामने नहीं आए है। उन्होंने प्रशासन और नेताओं से आग्रह किया है कि झील को दोबारा जीवित करने के प्रयास किए जाए। ताकि यहां पर्यटन ओर विकसित हो सके।


वन्य प्राणी विभाग चंबा के मंडलाधिकारी निशांत मंढोत्रा ने माना कि झील में दलदल बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि झील के सौंदर्यीकरण में आगामी महीनों में 48 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बरसात के चलते यह कार्य सितंबर माह में शुरू किया जाएगा।

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