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मणिमहेश यात्रा को मिले अंतर्राष्ट्रीय स्तर का दर्जा:उपमंडलाधिकारी
Updated Tue, 21 Nov 2017 10:48 PM IST
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- फोटो : manimahesh
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अमर उजाला ब्यूरो
भरमौर ( चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा के प्रबंधन को अगले वर्ष से सशक्त बनाने के लिए उप मंडलाधिकारी भरमौर बाल कृष्ण चौधरी निजी रूप से प्रयास में जुट गए हैं। उन्होंने इस संदर्भ में एक पत्र प्रधान सचिव भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश और उपायुक्त चंबा को प्रेषित किया है। उपमंडलाधिकारी ने यात्रा पर आने वाले लाखों लोगों की आस्था के विषय में लिखते हुए यात्रा को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा है कि यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रहती है। इस कारण स्थानीय प्रबंधन को बहुत मुश्किलें आती हैं। सरकार अगर यात्रा के स्तर को बढ़ाकर अंतर्राष्ट्रीय दर्जा देती है, तो यात्रा के संचालन के लिए उपयुक्त धन और कर्मचारी उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि यात्रा के संचालन के लिए आपदा प्रबंधन विभाग की सेवाएं यहां पूरे साल के लिए आपेक्षित रहती हैं। उन्होंने मणिमहेश यात्रा के विस्तारीकरण को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया है। मणिमहेश यात्रा के लिए सरकार अगर श्राइन बोर्ड गठित कर इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर का दर्जा देती है तो उनके फार्मूले के तहत यात्रा संचालन के लिए हर काम एक नियम के तहत चलेंगे। इससे यात्रियों के लिए ठहरने, शौचालय, राशन, परिवहन, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी, सूचना एवं जन संपर्क, पार्किंग, चढ़ावे और दान से आय आदि की व्यवस्था सुगमता से हो जाएगी। उपमंडलाधिकारी की इस योजना पर अगर सरकार सकारात्मक कदम उठाती है तो यह मणिमहेश यात्रियों के लिए काफी राहत मिल सकती है।
भरमौर ( चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा के प्रबंधन को अगले वर्ष से सशक्त बनाने के लिए उप मंडलाधिकारी भरमौर बाल कृष्ण चौधरी निजी रूप से प्रयास में जुट गए हैं। उन्होंने इस संदर्भ में एक पत्र प्रधान सचिव भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश और उपायुक्त चंबा को प्रेषित किया है। उपमंडलाधिकारी ने यात्रा पर आने वाले लाखों लोगों की आस्था के विषय में लिखते हुए यात्रा को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा है कि यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रहती है। इस कारण स्थानीय प्रबंधन को बहुत मुश्किलें आती हैं। सरकार अगर यात्रा के स्तर को बढ़ाकर अंतर्राष्ट्रीय दर्जा देती है, तो यात्रा के संचालन के लिए उपयुक्त धन और कर्मचारी उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि यात्रा के संचालन के लिए आपदा प्रबंधन विभाग की सेवाएं यहां पूरे साल के लिए आपेक्षित रहती हैं। उन्होंने मणिमहेश यात्रा के विस्तारीकरण को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया है। मणिमहेश यात्रा के लिए सरकार अगर श्राइन बोर्ड गठित कर इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर का दर्जा देती है तो उनके फार्मूले के तहत यात्रा संचालन के लिए हर काम एक नियम के तहत चलेंगे। इससे यात्रियों के लिए ठहरने, शौचालय, राशन, परिवहन, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी, सूचना एवं जन संपर्क, पार्किंग, चढ़ावे और दान से आय आदि की व्यवस्था सुगमता से हो जाएगी। उपमंडलाधिकारी की इस योजना पर अगर सरकार सकारात्मक कदम उठाती है तो यह मणिमहेश यात्रियों के लिए काफी राहत मिल सकती है।