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अत्याचार करना ही नहीं, अत्याचार सहने वाला भी अपराधी

Mon, 08 Jul 2019 06:08 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2019 06:08 PM IST
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अत्याचार करना ही नहीं, अत्याचार सहने वाला भी अपराधी
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ब्यूरो
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चंबा। विकास खंड मैहला के तहत ग्राम पंचायत उटीप पंचायत कार्यालय में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर आईटीआई चंबा के प्रधानाचार्य विपिन शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। जबकि कार्यक्रम में पशुपालन विभाग चंबा के चिकित्सक सुरेश ठाकुर ने विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थिति दर्ज करवाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत प्रधान प्रीतो देवी ने की। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय महिलाओं ने बढ़चढ़ कर भागीदारी सुनिश्चित बनाई। कार्यक्रम की शुरूआत में स्थानीय पंचायत प्रधान प्रीतो देवी ने विभागीय अधिकारियों का स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरूआत पशुपालन विभाग चंबा के चिकित्सक सुरेश ठाकुर ने की। उन्होंने विभागीय योजनाओं की ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही इन योजनाओं का लाभ लेने के बारे में प्रेरित किया। उन्होंने 200 चिक्स योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत बजट का प्रावधान हो गया है। योजना के तहत चालीस लाभार्थियों का चयन किया जाता है। इसके साथ ही प्रत्येक लाभार्थी को दो सौ चूजे दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि योजना के तहत तीन दिन का प्रशिक्षण भी मुहैया करवाया जाता है। इसका लाभ ग्रामीण ले सकते है। उन्होंने कहा कि पशुुपालन क्षेत्र में आर्थिकी बढ़ाने के कई साधन है। उन्होंने कहा कि डेयरी फार्मिंग कर भी ग्रामीण आर्थिकी मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने शिविर के दौरान पशुओं को लगने वाले विभिन्न रोगों की जानकारी दी। इसके साथ ही पशुओं को इन बीमारियों से बचाव के उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि सरकार पशुपालन पर विशेष बल दे रही है। जिससे ग्रामीण पशुपालन कर आर्थिकी स्थिति को मजबूत बना सके। उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम के दौरान आईटीआई प्रधानाचार्य विपिन शर्मा ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में अत्याचार करना ही अपराध नहीं है। बल्कि अत्याचार सहना भी अपराध के समान है। उन्होंने कहा कि समाज में अपमान होने की बात से महिलाएं अपने साथ हुए अत्याचारों को खुलकर नहीं कहती है। जिससे अपराध कम होने के बजाय बढ़ता रहता है। उन्होंने कहा कि जब तक अत्याचार सहने वाली महिलाएं चुप्पी नहीं तोड़ेंगी, तब तक अत्याचार पर अंकुश लगना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाएं पुरुषों से भी आगे हैं। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी महिलाएं दबकर रह रही हैं। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे आत्मविश्वास से काम लें और अपना जीवनयापन करें। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय पंचायत प्रधान प्रीतो देवी और उपप्रधान पुष्पराज ने विभागीय अधिकारियों का आभार जताया। इसके साथ ही आह्वान किया कि भविष्य में भी इस तरह के शिविरों का आयोजन किया जाए। जिससे महिलाओं को अधिकारों और विभागीय योजनाओं की जानकारी मिल सके। इस मौके पर उपप्रधान पुष्पराज, पंचायत सचिव ठाकुर सिंह, वार्ड सदस्य मीना देवी, रेखा देवी, केहर सिंह, पिंकी, रविंद्र कुमार, रुको देवी, पिंकी, अनीता और योगराज मौजूद रहे।

इनसेट
काकड़ोलू पंचायत प्रधान प्रीतो देवी का कहना है कि जागरूकता कार्यक्रम से उन्हें विभन्न योजनाओं के बारे में जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन होता रहना चाहिए।
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इनसेट
पधरी गांव निवासी ललिता का कहना है कि जागरूकता कार्यक्रम से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान की महिलाएं अत्याचार नहीं सहन करेंगी।
इनसेट
कुमारूई निवासी ममता का कहना है कि अपराजिता कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें एक तरफ जहां पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया गया। वहीं दूसरी तरफ शिक्षा व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त हुई है।
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इनसेट
पुखरी गांव निवासी अंजू देवी का कहना है कि वक्ताओं के संबोधन से उनमें नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि अपने लक्ष्यों को निर्धारित करने के साथ वे लगन के साथ पूरा करेंगी।
इनसेट
कुमारूंई गांव निवासी वंदना का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान पशुपालन विभाग के चिकित्सक ने विभिन्न योजनाओं सहित पशुओं की देखभाल पर काफी जानकारी प्रदान की गई, जो पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण है।
इनसेट
काकड़ोलू निवासी गीता देवी का कहना है कि बेटियों की अकसर अपेक्षा की जाती है जबकि बेटों को लोग तवज्जो देेते हैं। लेकिन आज के समय में हर क्षेत्र में बेटियां आगे हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता से ही यह परिणाम सामने आ रहे हैं।
इनसेट
मुनियाड़ा निवासी पिंकी देवी का कहना है कि कार्यक्रम में पशुपालन संबंधित जानकारी मिली। इसके साथ ही खाद बनाने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल हुई।
इनसेट
उटीप गांव निवासी अनिता का कहना है कि इस कार्यक्रम के जरिये उन्हें विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि पशुुपालन विभाग की योजनाएं आर्थिकी को मजबूत करने का अवसर प्रदान करती है।
इनसेट
कुम्हारका गांव निवासी पिंकी का कहना है कि कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम से उनकी जानकारियों में काफी बढ़ोतरी हुई है।

इनसेट
भियोड़ गांव निवासी रेखा देवी का कहना है कि शिविर के माध्यम से उन्हें बैंकों की कार्यप्रणाली के साथ-साथ बैंक की चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त हुई है। इसका उन्हें भविष्य में फायदा मिलेगा।
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